अर्द्धसैनिक बलों और राज्य की विशेष पुलिस बल की लगभग 1100 कंपनियां बिहार पहुंच चुकी हैं। बचे हुए बल भी एक-दो दिन में आ जाएंगे।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव की खातिर बिहार को सुरक्षाबलों की 1200 कंपनियां मिली हैं, जिसमें 45 पहले से यहां तैनात थी। चुनाव की घोषणा के बाद बिहार को एरिया डोमिनेशन के लिए अर्द्धसैनिक बलों की 300 कंपनी मिली थी। दूसरी बार फिर से 300 कंपनियां भेजी गईं।
कुछ दिनों पहले चुनाव के लिए ही 600 कंपनी और भेजने का आदेश दिया गया। शुरुआत के दो चरणों में आई फोर्स को विभिन्न जिलों में एरिया डोमिनेशन के काम में लगाया गया है। वहीं अब जो फोर्स बिहार आ रही है उन्हें मतदानवाले क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।
बाकी के फोर्स भी चुनाव वाले क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं। बिहार पुलिस के जवानों को चुनावी ड्यूटी के लिए पुलिस लाइन में योगदान कराया जा रहा है। वहीं से जिला बल के जवान और अधिकारी मतदान वाले क्षेत्रों में भेजे जाएंगे।
ट्रेजरी, बैंक रिजर्व गार्ड और कोर्ट सुरक्षा में तैनात जवानों को छोड़ बाकी सभी को चुनाव ड्यूटी पर लगाने के आदेश दिए गए हैं। इन्हें पुलिस लाइन में योगदान कराया जा रहा है। वहीं से उन्हें प्रतिनियुक्ति वाले जिलों और विस क्षेत्रों में भेजा जाएगा।
चुनाव में बूथों की सुरक्षा के अलावा भी बड़ी संख्या में फोर्स की जरूरत होती है। स्टैटिक के अलावा कई बूथों को मिलाकर पेट्र्रोंलग पार्टी की व्यवस्था रहेगी। माना जा रहा है कि जिला पुलिस व बीएमपी के जवानों को बूथ से इतर चुनाव ड्यूटी पर लगाया जाएगा।
चुनाव से पूर्व आरओपी संभाल लेगी मोर्चा
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और अद्र्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। मतदान केन्द्रों तक जानेवाले रास्तों में चुनाव से पहले ही रोड ओपनिंग parti कमान संभाल लेगी। इसमें सुरक्षाबलों की कई टीमों को लगाया जाएगा। नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थित बूथों पर बड़ी संख्या में सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों की तैनात की जाएगी।