'भ्रष्टाचार से भागलपुर-मुंगेर में कारोबार खत्म होते गए'
उन्होंने कहा - बिहार में लोकतंत्र के बीज बोये गये हैं। बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। इसको कौन सुनिश्चित करेगा। विकास कौन सुनिश्चित करेगा। वो लोग जिन्होंने परिवार का भला किया। या प्रदेश का विकास किया। पहले जो सरकारें रहीं उन्होंने आदिवासियों के लिए, उनके उत्थान के लिए सिर्फ झूठे वादे किए। छोटे दुकानदार, कारोबारी, मजदूर उनके जंगलराज में परेशान होते रहे। इतना भ्रष्टाचार था कि भागलपुर, मुंगेर में कारोबार खत्म होते गए। भागलपुर से गुजर रहे एनएच का चौड़ीकरण किया जा रहा है। बीते वर्षों में गंगा के ऊपर कई पुल बने हैं और कई पर काम चल रहा है। बाढ़, मुंगेर में रेल महा सेतु पहले ही पूरा हो चुका है। बिक्रमशिला के समानांतर फोरलेन पुल का निर्माण किया जा रहा है। इससे उत्तर बिहार से झारखंड आना-जाना भी आसान होगा। हमारे व्यापारियों और भगवान भोले के भक्तों को आसानी होगी। भागलपुर सहित बिहार के अनेक शहर और व्यापारिक केंद्र गंगा के किनारे बसे हुए हैं। गंगा में व्यापार से जुड़े जहाज चलने लगे हैं।
मोदी ने कहा - केंद्र ने बिहार के विकास के लिए एक योजना बनाई है। स्वामित्व योजना के जरिए ग्रामीणों को खेतों और घर का स्वामित्व कार्ड मिलेगा। यहां भी इस योजना का लाभ मिलेगा। यहां भी इसे बहुत तेजी से शुरू किया जाएगा। बिहार आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में बढ़ेगा। नीतीश जी की अगुवाई में बीजेपी, जेडीयू, हम और वीआईपी को एक-एक वोट मिलना चाहिए। त्योहारों में अधिक से अधिक लोकल खरीदेंगे। मंजूषा को प्रोत्साहित करना है। मिट्टी के बर्तन और दूसरे शिल्पियों का इस्तेमाल कीजिए।
इससे पहले गया में हुई दिन की दूसरी सभा
सासाराम से बिहार में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करते प्रधानमंत्री ने गया में आज के दिन की दूसरी सभा की। शहर के गांधी मैदान में आयोजित इस रैली में भी वे बिहार में एनडीए सरकार के पहले के 15 सालों की याद दिलाने से नहीं चूके। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि बिहार का चुनाव दो कारणों से महत्वपूर्ण है। पहला कोरोना के बीच यह पहला चुनाव है, दूसरा यह एनडीए का चुनाव है।
आगे कहा - 90 के दशक में बिहार के लोगों को अव्यवस्था और कुशासन के दलदल में धकेल दिया गया। यहां अनेक युवा साथी हैं जो पहली बार वोट डाल रहे हैं। या जिनका जन्म नई सदी में हुआ है। आपको अंदाजा नहीं है कि बिहार ने कितना लंबा रास्ता तय किया है। हम बिहार में नई व्यवस्थाओं को बनते देख रहे हैं। इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। रात में रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद लोग घर नहीं जाते थे, सारी रात स्टेशन पर गुजारते थे। ये वो दौर था जब लोग गाड़ी नहीं खरीदते थे क्योंकि एक खास राजनीतिक दल को पता चलने पर गाड़ी लूट लिए जाने का डर रहता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये वो दौर था जब बिजली नहीं थी। लोग लालटेन और ढिबरी के भरोसे थे। अब बिहार में लालटेन की जरूरत खत्म हो गई है। एक वो दौर था बिहार के ग्रामीण इलाकों में सड़कों से जाना असंभव था। गाडि़यों की स्थिति खराब हो जाती थी। एक आज का समय है कि आप कहीं भी पहुंच सकते हैं। बिहार ने वो समय भी देखा है कि यहां के बच्चे छोटे-छोटे स्कूल के लिए भी तरसते थे।
मोदी ने कहा कि गया जी का एक क्षेत्र पूरी दुनिया के लिए ज्ञान और अध्यात्म का केंद्र रहा। कितनी बड़ी विडंबना है कि जहां बुद्ध को ज्ञान को मिला वहां नक्सलियों का तांडव था। हमने नक्सलवाद को एक छोटे से हिस्से में समेट दिया है। इस पूरे इलाके को विकास में लाने के लिए काफी काम किया गया है। नवादा, औरंगाबाद सहित वो जिले जो विकास में पीछे छूट गए थे उन्हें आकांक्षी जिलों के लिए चुना गया। आपको ललचाए लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। महागठबंधन के रग-रग से बिहार का एक-एक नागरिक वाकिफ है। जिन्होंने नक्सलियों को खुली छूट दी वो एनडीए का विरोध कर रहे हैं। देश तोड़ने वाले और सौहार्द बिगाड़ने वालों पर जब कार्रवाई होती है तो वो विरोध करते ही हैं।
Input-Bhasker