दरअसल शाही में रहने वाले एक युवक का क्षेत्र की ही युवती से काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। कि अचानक युवक की मीरगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा में तैनाती हो गई। जिसके बाद युवक के परिजनों ने उसकी शादी दूसरे गांव की एक लड़की से तय कर दी।
सब कुछ तय होने के बाद रविवार को प्रेमी के परिजन तीने बोलेरो लेकर लड़की की गोद भराई करने जा रहे थे। इस बात का पता युवती को चल गया।
जिसके बाद युवती ने प्रेमी के परिजनों को रोकने के लिए 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलवा लिया। इसके बाद युवक व युवती दोनों के परिजनों सहित कई लोग मौके पर पहुंच गए। जहां युवती ने युवक पर शादी का झांसा देकर पांच साल तक संंबंध बनाने का आरोप लगाया।
युवती का कहना था कि युवक ने ही उसे कहीं दूसरी जगह शादी न करने की हिदायत भी दे रखी है। लेकिन शादी की जिद करने पर वह कुछ दिनों रुकने की बात कह कर उसे टाल देता था।
पुलिस के साथ युवती को देख आग बबूला हुआ युवक
शादी रोकने पर पुलिस के साथ पहुंची युवती को देख युवक आग बबूला हो गया। उसने युवती का गला दबाकर मारने की कोशिश की। जिस पर पुलिस ने दोनों को अलग अलग कर दिया।
इधर बस स्टैंड पर चले ड्रामेे के बाद दोनों पक्षों के बीच गांव के सभ्रांत नागरिकों के सामने लिखित समझौता हुआ। जिसके बाद ग्रामीणों और पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने दोनों की मंदिर में शादी करा दी गई।