नामांकन रद्द होने वाले प्रत्याशियों में सरिता देवी जो निर्दलीय थीं। इनका फॉर्म 26 अधूरा भरा हुआ था और दूसरे प्रत्याशी वीरेंद्र पासवान जो भाजपा के प्रत्याशी के लिए नामांकन किया इनका सिंबल पार्टी द्वारा रद्द किया गया और इन्होंने अपने नामांकन फॉर्म में सिर्फ 2 प्रस्तावक ही दिए थे, जबकि निर्दलीय के लिए 10 प्रस्तावक चाहिए।
वीरेंद्र कुमार और वीरेंद्र पासवान के बीच पेंच फंस गया था। दोनों ही अपने आपको भाजपा प्रत्याशी बता रहे थे। लेकिन पार्टी ने वीरेंद्र कुमार को सही माना और एनडीए से भाजपा प्रत्याशी के रूप में वीरेंद्र कुमार, महागठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी नागेंद्र कुमार विकल,बसपा से विजय कुमार राम,राष्टीय जन विकास पार्टी से शशि भूषण दास,आम अधिकार मोर्चा पार्टी से आशा देवी,
द प्लूरल्स पार्टी से रणधीर कुमार पासवान , वाजिब अधिकार पार्टी से विद्यानंद राम, निर्दलीय सुरेंद्र दास, निर्दलीय शैलेन्द्र चौधरी, लोजपा से कृष्ण राज,निर्दलीय श्रवण कुमार, लोक तांत्रिक जनता दल से विक्रम रजक चुनावी मैदान में हैं। वहीं हसनपुर विधानसभा से कुल 16 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था जिसमें 8 प्रत्याशियों का नामांकन रद्द किया गया।
रद्द किए गए प्रत्याशी लोक जन पार्टी सेक्यूलर से चंद्र मोहन कुमार इनका शपथ पत्र अधूरा था, आपकी अपनी अधिकार पार्टी से सरिता देवी इनका भी शपथ पत्र अधूरा था, पीस पार्टी से मोहम्मद अबू नसर इनका भी शपथ पत्र अधूरा था,
निर्दलीय गोपाल कुमार शपथ पत्र अधूरा, निर्दलीय मोहम्मद अयूब शपथ पत्र अधूरा, समाजवादी जनता दल ईश नारायण, युवा क्रांतिकारी पार्टी से संजय आलम इनका भी शपथ पत्र अधूरा था, द प्लूरल्स पार्टी के प्रवीण कुमार सिंह इनका भी शपथ पत्र अधूरा रहने के कारण इनके उम्मीदवारी को रद्द किया गया।
वहीं चुनाव के मैदान में बचे उम्मीदवार महागठबंधन से राजद के तेज प्रताप यादव, एनडीए से जदयू के राजकुमार राय,जअपा के अर्जुन प्रसाद यादव भाग्य आजमाएंगे।