ये वही एमएलसी हैं जिनके यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव प्रचार के दौरान अक्सर आकर ठहरते हैं। यह बताते हुए साकार यादव ने कहा कि जब मुख्यमंत्री मधेपुरा आकर बगल में ठहरते हैं, उनके चहेते प्रतिनिधि आसपास के दुकानों को बंद करवाकर पर्दे से नाले को ढंक देते हैं।
लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होता है। उन्होंने कहा कि नाला में उतरने का उनका मकसद जनता को यह बताना है कि वे किस तरह से ग्राउंड लेवल पर काम करने की इच्छा रखते हैं। मधेपुरा में दशकों से कोई विकास का काम नहीं हुआ है।
उन्होंने सदर विधानसभा से लड़ रहे अन्य प्रत्याशियों को भी आड़े हाथ लिया। युवाओं से दलगत भावना से ऊपर उठकर विकास के लिए मतदान करने की अपील की। बाद में वे खुले पांव गंदे कपड़े में पैदल ही आगे बढ़ गए।
लोजपा प्रत्याशी साकार यादव पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। कुछ माह पहले तक भाजपा के आईटी सेल से जुड़े हुए थे। मधेपुरा विधानसभा से भाजपा के टिकट के दावेदारों में वे भी थे। लेकिन इस बाद एनडीए गठबंधन में यह सीट जदयू कोटे में हैं।
यहां जदयू और राजद के बीच सीधा मुकाबला है। यहां से जदयू से निखिल मंडल और राजद से वर्तमान विधायक चंद्र शेखर मैदान में हैं। चंद्र शेखर ने 2015 में भाजपा के विजय कुमार को 37,642 वोटों से हराया था।