BIHAR-सुपौल-लगभग पचास फीसदी गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी पाई जाती है। इससे उनके गर्भस्थ शिशु के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डा0 कृष्ण मोहन प्रसाद ने बताया कि यह गर्भवती महिलाओं के पोषण संबंधी समस्याओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पहले से ही रहा है।
ऐसा पाया गया है कि आधी से अधिक गर्भवती महिलाऐं आयरन कमी की समस्या से ग्रसित हैं। इसका प्रभाव उनके गर्भस्थ शिशु के विकास पर पड़ता है। गर्भस्थ शिशु बच्चों के अंगों के अपूर्ण विकास, एनीमिया यानि रक्त कमी वाले बच्चों को जन्म देना, सहित शिशु जन्म संबंधी अन्य जटिलताओं का भी कारण गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी का होना ही है।
आयरन कमी वाले गर्भवती महिलाओं के सामान्य लक्षण-
सिविल सर्जन ने बताया कि आयरन की कमी से जूझ रहीं गर्भवती महिलाओं के अत्यधिक थकान व कमजोरी महसूस करना, उनकी त्वचा का रंग पीला पड़ जाना, सीने में दर्द, हृदय गति का अचानक बढ़ जाना, सांस लेने में कभी-कभी तकलीफ महसूस करना, सिर में दर्द या चक्कर आना, जीभ में सूजन या बार-बार खराश लगना, कम भूख लगना आदि मुख्य लक्षण हैं।
स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुफ्त मिलती हैं आयरन की गोलियाँ-
सिविल सर्जन ने बताया कि गर्भवती महिलाओं में पायी जा रही आयरन की कमी को दूर करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा जिले के सदर अस्पताल, प्रखण्ड स्तर पर स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित प्रखण्ड में स्थापित उप स्वास्थ्य केन्द्रों सहित सभी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवा प्रदाताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियाँ मुफ्त दी जाती हैं।
गर्भवती महिलायें आयरन की गोली खाने के साथ बरतें निम्न सावधानियाँ-
सिविल सर्जन ने बताया कि जरूरत से ज्यादा आयरन की गोलियों का सेवन भी गर्भवती महिलाओं के गर्भस्थ शिशु को नुकसान भी पहुँचा सकता है। उन्हें चिकित्सीय सलाह के अनुरूप ही आयरन की गोलियों का सेवन करना चाहिए। आयरन की कमी को दूर करने के लिए आयरन की गोलियों का सेवन ही एक मात्र उपाय नहीं है। गर्भवती महिलाऐं अपने आहार में हरी पत्तीदार सब्जियाँ, चुकन्दर, गाजर आदि आयरन से भरपुर सब्जियों को उचित स्थान देकर आयरन की कमी को दूर कर सकती हैं।
खाली पेट आयरन की गोलियों के सेवन से बचें
सिविल सर्जन ने आयरन की गालियों का सेवन कर रहीं गर्भवती महिलाओं के दूध, कैल्शियम सहित एंटीसीड दवाओं के सेवन से परहेज करने पर बल दिया । कहा कि यदि उन्हें इनका सेवन करना ही है तो आयरन की गोलियाँ खाने के दो से तीन घंटे बाद इनका सेवन कर सकती हैं। आयरन की गोलियाँ खाते समय इस बात का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए कि वे खाली पेट तो नहीं हैं। खाली पेट आयरन की गोलियों के सेवन से गैस बनने सहित अन्य परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें