तेजस्वी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा-'नीतीश कुमार जी मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। नीतीश कुमार 15 साल शासन करने के बाद कह रहे हैं कि नौकरी देने का पैसा कहां से आएगा? उनको बताना चाहिए कि जो 60 घोटाले इन लोगों ने किए हैं वो लगभग 30,000 करोड़ बिहार के बजट का पैसा है, वो कहां गया।'
सीएम नीतीश कुमार ने किया था ये तंज
नीतीश ने लालू-राबड़ी के शासनकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पति-पत्नी के 15 वर्षों के शासनकाल में शाम होते ही घरों से बाहर निकलने की लोगों की हिम्मत नहीं होती थी।
उनके शासन में बिहार में कई सामूहिक नरसंहार हुए, लेकिन हमलोगों ने अपने शासनकाल में कानून का राज स्थापित किया है। वर्ष 2018 के भारत सरकार के आंकड़े के अनुसार ही पहले जहां कानून- व्यवस्था के मामले में बिहार निचले पायदान पर था, वहीं अब पूरे देश में 23वें स्थान पर आ गया है। बिहार का विकास दर भी पूरे देश में सबसे अधिक 12.7 प्रतिशत प्रति वर्ष हो गया है।
सीएम नीतीश ने अपने 15 वर्षों के शासनकाल की उपलब्धियों के बारे में कहा कि पति-पत्नी के शासनकाल में महिलाओं को कोई इज्जत नहीं मिलती थी। हमने पंचायतों और नगर निकायों में उनके लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की।
पहले महादलितों के बच्चे बड़ी संख्या में स्कूल नहीं जा पाते थे। आज आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या आधा प्रतिशत ही रह गई है। आज लड़के और लड़कियों की संख्या विद्यालयों में करीब-करीब बराबर हो गई है।
अस्पतालों में भी काफी सुधार हुआ है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहले मात्र 39 लोग सरकारी अस्पतालों में प्रतिमाह इलाज कराने जाते थे। आज औसतन 10000 लोग एक माह में इलाज कराने जाते हैं।