इस घटना की पुष्टि करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी बीरेंद्र नारायण ने बीईओ को प्राथमिक दर्ज कराने का आदेश दिया है. इस घटना के प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
इस मामले में शुक्रवार को स्कूल के सेवानिवृत लिपिक मो. ईशाक ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिसमें स्कूल के ही शिक्षक विजय कुमार को आरोपित किया गया है।
उधर, नगर पुलिस ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कॉपी गायब होने की सूचना के बाद से शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। गायब कॉपियों की संख्या करीब 80 हजार बताई गई है।
उक्त कॉपी को जांच के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जांच के लिए समस्तीपुर भेजा था। प्राथमिकी में पूर्व लिपिक ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020 इंटरमीडिएट परीक्षा में मूल्यांकन निदेशक द्वारा उन्हें मूल्यांकन कार्य के लिए नियुक्त किया गया था।
मूल्यांकन कार्य व स्क्रूटिनी कार्य के लिए स्ट्रांग रूम की चाबी उनके पास ही रहती थी। मूल्यांकन कार्य में स्कूल के शिक्षक विजय कुमार भी शामिल थे। आरोप है कि पूर्व लिपिक स्ट्रांग रूम की चाबी स्कूल के कार्यालय के अलमीरा में रख देते थे जिसकी जानकारी विजय को थी।
गुरुवार को वह आवश्यक कार्य से स्ट्रांग रूम खोलने गए तो स्ट्रांग रूम के स्क्रूटनी के लिए रखा गया मूल्यांकित कॉपी गायब मिली। मो. ईशाक ने शिक्षक पर कॉपी गायब करने का आरोप लगाया है।