अब फैक्ट्री से जुड़े लोगों का नेटवर्क खंगाला जा रहा है। पुलिस ने यहां से 303 बोर के 6 जिंदा कारतूस, 315 बोर की दो गोली, पिस्टल के बट के साथ कई अन्य सामान बरामद किए हैं।
लखीसराय के रामगढ़ चौक में काफी दिनों से हथियार की फैक्ट्री चल रही थी। जब ड्रिल और वेल्डिंग मशीन की आवाज आती थी तो लोगों को लगता था कि लोहे के औजार तैयार किए जा रहे हैं।
पुलिस की छापेमारी के बाद गन फैक्ट्री की पोल खुलते ही स्थानीय लोग दंग रह गए। लखीसराय एसपी की टीम ने धंधे में संलिप्त मनोज सिंह को गिरफ्तार किया है।
मनोज ने उगले कई राज
पुलिस के सामने मनोज सिंह ने कई खुलासे किए। पुलिस की टीम शनिवार की रात को छापेमारी पर गई थी, इसलिए केवल मनोज ही हाथ आया। फैक्ट्री में कई लोगों के काम करने की आशंका है, जिसपर पुलिस नजर रख रही है।
मनोज ने बताया कि देसी हथियार तैयार करने के लिए लोहे के औजार का इस्तेमाल किया जाता था। ड्रिल मशीन से होल करने और वेल्डिंग मशीन से बट जोड़ने का काम फैक्ट्री में किया जाता था।