यह है मामला
घटना 21 सितंबर 2002 की है। मोतीपुर थाना के तत्कालीन अवर निरीक्षक मधुसूदन ङ्क्षसह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कहा था कि सुबह करीब 4.45 बजे उन्हें गुप्त सूचना मिली कि कोदरकट्टा गांव के लखींद्र राय, सुखदेव चौधरी व दिनेश पंडित के घर में करीब 15-20 नक्सली एकत्र हैं। इसपर पुलिस बल के साथ वहां छापेमारी की तो घर के अंदर मौजूद नक्सली फायरिंग करने लगे।
जवाब में पुुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई। इसके बाद घर से बाहर भी नक्सलियों से मुठभेड़ हुई। पुलिस के दबाव से नक्सली भाग निकले। घरों की तलाशी लेने पर पुलिस से पहले छीनी गई राइफल, कारतूस व विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। इस मामले में 47 आरोपितों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई।
भारती ने कहा, उसे मालूम भी नहीं, साजिश के तहत फंसाया
भारती ने कहा कि वह 2012 में सार्वजनिक जीवन में आई है। इससे पहले तो वह चूल्हा-चक्की संभाल रही थी। उसे तो मोतीपुर की घटना पता भी नहीं। अन्य मामले में वह जमानत पर है। उसका नामांकन पत्र वैध पाए जाने के बाद राजनीतिक साजिश के तहत उसे गिरफ्तार किया गया है।
एएसपी, पश्चिमी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि भारती के खिलाफ पुराना मामला है। नामांकन के दिन ही उसे गिरफ्तार किया जाना था। पुराना मामला होने से इसकी तहकीकात कराई गई। कोर्ट से रिकॉर्ड मिलाने के बाद शनिवार को स्क्रूटनी के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। शीघ्र ही उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।