जनाक्रोश की इसी कड़ी में 18 अक्टूबर को योजना एवं विकास सह उद्योग मंत्री महेश्वर हजारी अपनी विधान सभा कल्याणपुर की महमदा पंचायत में बिना हेलमेट, मास्क के मोटर साइकिल रैली में निकले थे. उन्हें ग्रामीणों ने रोकते हुए सड़क और नौकरी को लेकर अपने मन की भड़ास उनके सामने निकाल दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
मंत्री महेश्वर हजारी को रोकते हुए एक आदमी बड़े गुस्से से कहता है, “इस तरह घूमने से काम नहीं चलेगा आप दस साल विधायक रहे हैं, जवाब दीजिये उसके बाद वोट देंगे.”
देखते ही देखते भीड़ जमा हो जाती है और बड़े ही आक्रोश से भीड़ में लोग कहते हैं पीछे जाइए. उसी भीड़ से एक जोरदार आवाज आती है कि "रोड नहीं तो वोट नहीं." देखते ही देखते ही ये वाक्य नारे का रूप ले लेती है.
“युवा को रोजगार चाहिए” के लगे नारे
ये सब देख कर मंत्री महेश्वर हजारी मोटर साइकिल से उतर आते हैं लेकिन लोगों का विरोध बढ़ता चला जाता है. तभी एक शख्स आगे आकर कहता है कि "मैंने 80 बार सड़क ठीक कराने के लिए चिट्ठी लिखी, आप दस साल विधायक रहे लेकिन आपने कुछ नहीं किया."
मंत्री जी कहते हैं अच्छा चिट्ठी अभी ले आइए, इसके बाद लोगों का आक्रोश बढ़ जाता है और लोग चीखने लगते हैं “युवा को रोजगार चाहिए.” ये सब देख मंत्री जी गांव से वापस चले गए.
मंत्री जी से क्विंट ने ग्रामीणों के विरोध का कारण पूछा तो उन्होंने कहा-
“हम तो हंसते हुए आगे बढ़ रहे थे, ये सब पहले से प्लानिंग कर के विपक्ष ने करवाया है. भीड़ में कुछ लोग विपक्ष के थे. वो लोग कह रहे हैं कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रोजगार दीजिए, अब बताइए सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कहीं विधायक रोजगार देगा.”
जब विधायक से पूछा गया कि लोग वीडियो में कह रहे हैं कि 80 बार सड़क बनाने के लिए आपको पत्र लिखे हैं तो मंत्री जी ने कहा सड़क तो अच्छी है, पूरी बनी है. ये बहाना है. आप समझ लीजिए "तेजस्वी यादव जिंदाबाद" कहने वाले कौन हैं, वो विपक्ष के लोग हैं. हमने कह दिया है कि कागज दीजिएगा हम जांच करा देंगे"