2020/09/11

कांग्रेस के दो विधायकों ने पार्टी छोड़ जेडीयू का थामा दामन, RJD और RLSP को भी झटका

बिहार की राजनीति में वर्षों से सत्ताधारी दल का दर्जा पाये रही कांग्रेस को इन पांच सालों में शुक्रवार को तीसरा बड़ा झटका लगा है. पहले कांग्रेस 2017 में बिहार की सत्ता से बाहर हुई.

 इसके कुछ दिनों बाद पार्टी के चार विधान पार्षद दल छोड़ जेडीयू में शामिल हो गये. शुक्रवार को दो विधायकों के साथ छोड़ जाने से पार्टी एक बार फिर सकते में है.

जदयू कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में सांसद ललन सिंह ने राजद, कांग्रेस और रालोसपा के नेताओ को पार्टी की सदस्यता दिलाई।बरबीघा से कांग्रेस विधायक सुदर्शन कुमार और गोविंदपुर से कांग्रेस की विधायक पूर्णिमा यादव ने को सांसद ललन सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। 

इसके अलावा राजद के पूर्व विधायक भोला राय और पंक्षीलाल राय ने भी लालटेन छोड़कर तीर थाम लिया। वहीं, रालोसपा प्रवक्ता अभिषेक झा भी जदयू में शामिल हो गए हैं।

इस अवसर पर आयोजित मिलन समारोह में ललन सिंह ने कहा कि राजद की परंपरा रही है कि त्याग करने वालों को अपमानित करते हैं। भोला राय को भी राजद ने अपमानित किया। भोला राय तीन बार विधायक रहे हैं। कर्पूरी ठाकुर के साथ काम किया है। लालू प्रसाद के लिए राघोपुर सीट भी उन्होंने छोड़ी थी।

लालू प्रसाद के परिवार ने इनके साथ भी न्याय नहीं किया। इस अवसर पर उन्होंने आरजेडी सुप्रीमो पर भी हमला बोला और कहा कि लालू यादव ने प्रदेश के साथ जो कुकर्म किया है, उसी की सजा भुगत रहे हैं। तेजस्वी बता दें कि लालू यादव क्यों जेल में हैं। 

तेजस्वी को उंगली पकड़ के नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री बनाया। तब से तेजस्वी मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं। उनका सपना कभी पूरा नही होगा। इस अवसर पर जदयू में शामिल नेताओं का ललन सिंह ने गर्मजोशी से स्वागत किया।