शिलान्यास होने वाली योजनाओं में तीन महासेतु और चार सड़क परियोजना है। गांधी सेतु व विक्रमशिला सेतु के समानांतर और फुलौत में चार लेन का पुल तो आरा-मोहनियां, रजौली-बख्तियारपुर, नरेनपुर-पूर्णिया व कन्हौली-रामनगर सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास होगा। परियोजनाओं के लिए लगभग जमीन अधिग्रहण हो चुका है।
योजनाओं को दो-तीन सालों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। पीएमओ ने अपने बयान में कहा कि प्रस्तावित राजमार्ग राज्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे, लोगों को बेहतर संपर्क व सुविधाएं मुहैया होंगी और इससे आर्थिक विकास भी होगा।
इन परियोजनाओं से पड़ोसी राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों के साथ-साथ सामानों की आवाजाही सुगम होगी।
पीएम मोदी ने वर्ष 2015 में बिहार में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज में 54 हजार 700 करोड़ रुपए लागत की 75 परियोजनाएं शामिल थीं।
इनमें से 13 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 38 परियोजनाओं पर काम जारी है। शेष परियोजनाओं की शुरुआत होनी है। इन परियोजनाओं के पूरा हो जाने के बाद बिहार की सभी नदियों पर पुल बनकर तैयार हो जाएंगे और सभी प्रमुख राजमार्ग चौड़े और मजबूत हो जाएंगे।
पीएमओ ने कहा कि सीएससी के बिहार भर में 34 हजार 821 केंद्र हैं और वह अपने कार्यबल का इस्तेमाल इस परियोजना में करेगा। इस परियोजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे सरकारी संस्थानों में एक वाई-फाई और पांच मुफ्त कनेक्शन की सुविधा प्रदान होगी। इस परियोजना से लोगों को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।