मुख्यमंत्री सुबह 11.30 बजे राजभवन गये थे और करीब डेढ़ घंटे उनके और मुख्यमंत्री के बीच सर्च कमेटी द्वारा विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा प्रति कुलपतियों के लिए सुझाए गए नामों पर विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। शनिवार की शाम राज्यपाल के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने सभी नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की।
प्रो. गिरीश कुमार चौधरी पटना विश्वविद्यालय (पटना), प्रो. नीलिमा गुप्ता को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, प्रो. फारुक अली जयप्रकाश विवि छपरा, प्रो. रामकिशोर प्रसाद रमण बीएन मंडल विवि मधेपुरा, प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा और प्रो. शशिनाथ झा को कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि दरभंगा का कुलपति नियुक्त किया गया है। सभी कुलपतियों की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन साल के लिए की गयी है।
छह में चार वीसी बिहार तो दो यूपी के
राज्य के छह विश्वविद्यालयों में नवनियुक्त छह में से चार कुलपति बिहार तो दो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। पटना विश्वविद्यालय के कुलपति बनाए गए प्रो. गिरीश कुमार चौधरी फिलहाल पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना के प्रोवीसी थे। वहीं टीएमबी भागलपुर की कुलपति बनीं प्रो. नीलिमा गुप्ता छत्रपति साहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कल्याणपुर, कानपुर में वीसी थीं।
जेपी छपरा के वीसी बनाए गए प्रो. फारुक अली भागलपुर के रहने वाले हैं तथा बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के पूर्व प्रतिकुलपति हैं। बीएनएम मधेपुरा के वीसी बने प्रो. रामकिशोर प्रसाद रमण इसी विवि के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एवं सामाजिक विज्ञान के संकायाध्यक्ष हैं। मिथिला विवि के कुलपति बने प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह लखनऊ के गोमतीनगर के निवासी हैं। वे लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ के पूर्व कुलपति हैं। केएसडी संस्कृत विवि के वीसी प्रो. शशिनाथ झा दरभंगा के न्यू कालोनी शुभंकरपुर निवासी हैं। वे इसी विवि से सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं।