उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि Bihar Assembly Election को लेकर बिहार के भविष्य व Seat Sharing को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में किसी भी सहयोगी घटक दल से कोई बात नहीं हुई है।
अपनी चिट्ठी में चिराग ने लिखा है कि कोरोना संक्रमण काल में लोगों को राशन की परेशानी न हो, इसके लिए उनके पिता अपना रूटीन हेल्थ चेक-अप लगातार टालते रहे। इस कारण वे अस्वथ हो गए। बीते तीन सप्ताह से वे अस्पताल में हैं।
चिराग पासवान ने लिखा है कि वे पिता को रोज बीमारी से लड़ते देख कर विचलित हो जाते हैं। पिता पटना जाने के लिए कहते हैं, लकिन बेटा होने के नाते वे उन्हें इस हाल में आइसीयू में छोड़ कर नहीं हट सकते हैं। नहीं ताे वे खुद को कभी माफ नहीं कर पाएंगे।
चिराग पासवान ने आगे लिखा है कि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते उन्हें उन साथियों की भी चिंता है, जिन्होंने 'बिहार फस्ट बिहारी फर्स्ट' के लिए जीवन समर्पित कर दिया है। लिखा है कि उनकी बिहार के भविष्य व चुनाव में सीटों को लेकर गठबंधन के घटक दलों से बात नहीं हुई है । यह बात उन्होंने पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में भी कही थी।