यह बात खुद राजद ने भी साबित कर दी। लालू परिवार के लोगों ने तो 9 बजे लालटेन जलाया लेकिन राजद के कुछ नेताओं को चाइनीज लालटेन से काम चलाना पड़ा।
इस खास दिन के लिए भी राजद नेताओं को लालटेन नहीं मिली। पार्टी दफ्तर में भी ऐसा ही हाल था। कुछ के पास लालटेन थी तो कुछ के पास चाइनीज।
10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास के बाहर रात 9 बजे लालू परिवार बाहर आया। तेजप्रताप, तेजस्वी और राबड़ी देवी ने 9 मिनट तक लालटेन जलाया। उनके पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड और कुछ लोग चाइनीज पकड़े हुए थे।
नीतीश कुमार बीजेपी के साथ मिलकर एससी/एसटी एक्ट खत्म करा रहे हैं। चुनाव आया है तो दलितों को लुभाने के लिए कह रहे हैं कि सिर में गोली खाओगे तब नौकरी देंगे। क्या परिवार के सदस्य को नौकरी मिले इसके लिए दलितों को जान देनी होगी।
आप हत्या को बढ़ावा दे रहे हैं। सवर्ण, पिछड़ा और अल्पसंख्यक के परिवार में किसी की मौत होगी तो नौकरी क्यों नहीं देंगे? ये लोग सिर्फ जाति की राजनीति कर रहे हैं।
जितनी भी बहालियां होती हैं उसमें विशेष जाति और विशेष क्षेत्र के लोगों को नौकरी मिलती है। बहालियों में बड़े पैमाने पर धांधली होती है, लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं होती है।