घटना राजीवनगर की है। गर्भवती पीड़िता आरोपित के यहां काम करती थी। आरोपित ने दुष्कर्म के बाद भी उसके साथ तीन दिन जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता गांधी मैदान थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने गई, जहां से उसे महिला थाना भेज दिया गया।
वह महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दो दिनों से दौड़ रही है। पीड़िता ने कहा कि महिला थानाध्यक्ष ने आरोपित को थाने बुलाने की बात कह आवेदन ले लिया, लेकिन अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। उधर, आरोपित मामले को रफा-दफा करने की धमकी दे रहा है।
पीड़िता ने बताया, वह गांधी मैदान थाना क्षेत्र के बाकरगंज की रहने वाली है। लॉकडाउन के दौरान पति की नौकरी चली गई तो उसने राजीवनगर में नौकरी कर ली। आरोपित का स्कूल और सैनिटाइजर का कारोबार है। वह वहां टेली कॉलर थी। एक दिन बॉस ने उसके साथ जबर्दस्ती की। विरोध का कोई असर नहीं हुआ।
नौकरी जोन के डर से वह चुप रही। 17 सितंबर को बॉस ने शाम को रोक लिया कि कुछ गेस्ट आने वाले हैं। जब सभी चले गए तो उसने उसके साथ जबर्दस्ती की। आजिज आकर उसने पति को सारी जानकारी दी। वह 22 सितंबर को महिला थाने पहुंची और आवेदन दिया। आवेदन देखते ही पुलिस डांट-फटकार करने लगी।
आवेदन लेकर दूसरे दिन आने को कहा। आज पहुंची तो थानाध्यक्ष ने आरोपित को फोन कर थाना बुलाया, लेकिन उसने आने से इन्कार कर दिया। उसने वहीं से फोन कर मामले को उठा लेने का दबाव बनाया।
थानाध्यक्ष ने कहा कि अभी चली जाओ। आरोपित को थाना बुलाएंगे तो आ जाना। पीड़िता पति के साथ गई थी, पर उसके आवेदन पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।