यह आरोप नवविवाहिता के माता-पिता का है। मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना के रतनपट्टी निवासी सुरेन्द्र मंडल की पुत्री गीताजलि की शादी इसी जुलाई में पूर्णिया जिले के जानकीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ध्रुवविलास, वार्ड नंबर 1 निवासी नंद किशोर मंडल के पुत्र दिलखुश कुमार से हुई थी।
सुरेंद्र के मुताबिक उन्होंने अपनी हैसियत के अनुरूप शादी में खर्च किया और उपहार भी दिया। शादी के ठीक एक महीने बाद 11 अगस्त 2020 की रात्रि गीताजलि की मौत हो गई।
जब तक उनके पास यह खबर पहुंची तब तक मृतिका के ससुर के आवेदन पर जानकीनगर थाना में यूडी केश दर्ज कर लिया और शव को पोस्टमार्टम में भिजवा दिया गया। इसी बीच वे जानकीनगर थाना पहुंचे।
उन्हें इसे दहेज हत्या बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया, परंतु जानकीनगर थानाध्यक्ष ने उन्हें दुत्कार कर थाने से भगा दिया।
उन्होंने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री, बिहार सहित आइजी, एसपी आदि अधिकारियों को डाक के माध्यम से आवेदन भेजा। उनका कहना है कि आवेदन समíपत करने के एक महीने बाद तक भी उनके मामले में कोई प्रगति नहीं है तथा अधिकारियों द्वारा मामले में संज्ञान नहीं लिया गया है।