पीड़ित साध्वी ने मुफिस्सल थाना में दीपक राणा, आशीष राणा सहित तथा दो अज्ञातों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है। पुलिस के सामने आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है। एसपी वाई.एस.रमेश ने खुद पीड़िता का बयान लिया।
घटना से पहले पी गई थी शराब : पुलिस को बताया गया कि पीड़िता साध्वी बोकारो के जैना मोड़ की रहने वाली है। फरवरी में वह वाराणसी मठ से भजन-कीर्तन और प्रवचन के लिए गोड्डा पहुंची थी। मार्च में गोड्डा में प्रवचन में शामिल हुई थी। इसके बाद लॉकडाउन होने के कारण वाराणसी मठ नहीं लौट सकी थी
इस दौरान साध्वी दुष्कर्मियों से याचिका करती रहीं- हम साध्वी तो तुम्हारी मां के समान हैं। ऐसी नीच हरकत क्यों करना चाहते हो? लेकिन अपराधियों ने अनसुना कर दिया। घिनौनी हरकत न करने का आग्रह करने पर एक स्थानीय साध्वी और एक साधु से मारपीट भी की। वहीं आश्रम में मौजूद दो श्रद्धालुओं को बाथरूम में बंद कर दिया।
सूचना मिलने के बाद एसपी वाईएस रमेश मंगलवार को आश्रम पहुंचे और स्पेशल टीम बनाई। टीम ने 22 साल के एक आरोपी दीपक राणा को गिरफ्तार कर लिया। आशीष राणा समेत तीन आरोपी फरार हैं। आश्रम के लोगों ने बताया कि पीड़िता लॉकडाउन के पहले से आई हुई हैं। आश्रम में तीन सितंबर से योग-ध्यान चल रहा है।
जीतिया पर्व होने के कारण ज्यादातर श्रद्धालु सोमवार रात को घर चली गईं। सिर्फ दो साध्वी, एक साधु और दो महिला श्रद्धालु ही रह गए थे। अपराधी दीवार फांदकर घुसे। दीपक और आशीष ने घटना को अंजाम दिया।
हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया था दीपक राणा : एसपी ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपी दीपक राणा का अपराधिक इतिहास रहा है। जिले के विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट, मारपीट आदि के आधा दर्जन से अधिक मामले उस पर चल रहे हैं। हाल के दिनों में वह बेल पर जेल से बाहर निकला था। दीपक राणा के विरुद्ध नगर थाना में सात तथा पोड़ैयाहाट थाना में एक मामला दर्ज है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उपायुक्त गोड्डा को साध्वी के साथ हुए दुष्कर्म मामले की जांच कर घटना में शामिल लोगों के खिलाफ यथाशीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री को पुलिस अधीक्षक गोड्डा ने अवगत कराया कि मामले को संज्ञान में लेकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।