बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल हथौड़ी के कार्यपालक अभियंता अभिनंदन कुमार ने बताया कि वर्षा के कारण नदी के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने वार्निंग लेवल 44 .72 बताते हुए कहा कि शुक्रवार की सुबह में यह उक्त लेवल से 13 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है । और अब खतरा के निशान से केवल 87 सेंटीमीटर नीचे है।
विगत जुलाई माह में नदी में आए उफान के दौरान अधिकतम जलस्तर 48.11 मीटर बताते हुए वर्तमान में किसी प्रकार के खतरा से इनकार किया है। बावजूद जलस्तर बढ़ता देख नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में बसे लोगों में फिर एक बार बाढ़ की आशंका सताने लगी है।
दूसरी ओर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल रोसड़ा के कार्यपालक अभियंता जमील अख्तर ने शुक्रवार को बुढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 40.80 मीटर रहना बताते हुए कहा कि लगातार बढ़ोतरी जारी है। उन्होंने जल ग्रहण क्षेत्र के साथ-साथ नेपाल की तराई में भारी बारिश होने के कारण आगामी दो दिनों तक जलस्तर में वृद्धि की संभावना जताई है।
कल्याणपुर- प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक एवं बागमती नदी के जल स्तर में भारी वृद्धि हो रही है। नामापुर के मुखिया राम विनोद ठाकुर ने बताया कि बागमती का जलस्तर 4 दिनों की बारिश को लेकर एक फीट से ज्यादा बढ़ा है।
इधर बूढ़ी गंडक नदी बख्तियारपुर के समीप बढ़ रहा है। हसनपुर- करेह नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से दुबारा बाढ़ आने की खतरे से लोग भयाक्रान्त हैं। वहीं पटसा गांव के दर्जनों घर में बारिश का पानी घुस जाने से कई परिवार बेघर हो गए हैं।