BIHAR-MADHEPURA-कोरोना संकटकाल के बीच संक्रमण के बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता आयी है. हाथों की सफाई व मास्क के इस्तेमाल के प्रति भी लोग जागरूक हुए हैं. इस आपदा के बीच पोषण माह भी मनाया जा रहा है. इस माह के दौरान पोषण के साथ स्वच्छता पर भी विशेष बल दिया गया है.
अच्छे पोषण के साथ स्वच्छता जरूरी है जिसका सकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ पर पड़ता है. पोषक आहार की महत्ता स्वच्छता के नियमों को अपनाने के साथ ही है. इस जागरूकता मुहिम को जिले के आलमनगर प्रखंड के विश्वपट्टी पंचायत वार्ड नंबर -4 तुलसियाही के आशा मीना कुमारी आसान बना रही हैं.
यही वजह है कि उनके योगदान की चर्चा हर जगह हो रही है. मीना कुमारी न सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहीं है बल्कि संक्रमण के इस दौर में आम लोगों को कोरोना एवं बच्चों के पोषण तथा परिवार नियोजन के साधनों के बारे में के प्रति निरंतर जागरूक भी कर रही हैं.
कर्मठता एवं सच्ची लगन का है 15 वर्षों का रिकॉर्ड-आशा मीना कुमारी विगत 15 वर्षों से आशा के रूप में कार्य कर रही हैं. उन्होंने अपने इस लंबे अनुभव एवं कार्य के प्रति ईमानदारी को लेकर अपने पंचायत में अलग की पहचान बनायी हैं जिसके कारण लोग उनकी मेहनत और लगन की मिसाल भी देते हैं. मीना कुमारी कहती हैं, कोरोना के कारण आज पूरा देश संघर्ष कर रहा है.
लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए जिले का हरेक विभाग लगा हुआ है. इसलिए ऐसे हालात समुदाय स्तर पर लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी में एक आशा होने के नाते अधिक बढ़ जाती है. वह बताती हैं कि वह प्रतिदिन लोगों को हाथ धोने, भीड़-भाड़ में जाने से बचने एवं सामजिक दूरी जैसे उपाय अपनाने के लिए लोगों को जागरूक करती है. ताकि उनके परिवार के साथ उनका गाँव, राज्य एवं देश कोरोना से सुरक्षित रहे.
आशा मीना कुमारी गृह भ्रमण के दौरान घर के सभी सदस्य को स्वच्छता का पालन करने और बच्चों को उचित पोषण आहार देने की भी सलाह लाभुकों को दे रही है. साथ ही उनके द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि उचित मात्रा में बच्चों को भोजन उम्र के हिसाब से उनके वजन मे बढोतरी होगी और आपका बच्चा तो तभी स्वस्थ रहेगा जब उसे उचित पोषण मिले इस बात को वे प्रतिदिन दुहराती हैं.
लोगों को हाथ धोने के सही तरीकों तथा बच्चों के पोषण पर भी ध्यान देने की सलाह के बारे में नियमपूर्वक बताने के अलावा क्षेत्र की महिलाओं को परिवार नियोजन के परामर्श देकर विभिन्न साधनों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित भी कर रही हैं.
बाहर से आने वाले लोगों पर है पैनी नजर-आशा मीना कुमारी अपने क्षेत्र में सभी बाहर से आनेवाले लोगों का रिकॉर्ड रखती हैं और उनके घरों को चिन्हित करती हैं. इसकी पूरी जानकारी वे निकटवर्ती स्वास्थ्य अधिकारीयों को मुहैय्या कराती हैं और ऐसे लोगों की जांच में भी अपना सहयोग करती हैं.
अन्य आशा कार्यकर्ताओं के लिए हैं रोल मॉडल-गाँव के पूर्व प्रमुख मिथिलेश कुमार सिंह ने बताया आशा मीना कुमारी आस पास के कई गाँव के आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक रोल मॉडल हैं. कई आशा कार्यकर्ता उनकी कार्यशैली का अनुसरण करती हैं और मीना कुमारी के इतने लम्बे कार्यकाल तक इतनी उर्जा और लगन से कार्य करना उन्हें भी अपने काम को और बेहतर तरीके से करने की प्रेरणा देता है. अगर सभी आशा कार्यकर्ता मीना कुमारी का अनुसरण करें तो क्षेत्र कोरोना काल से सुरक्षित बाहर निकल आएगा. साथ ही क्षेत्र के लोगों को कोई भी स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होंगी .