तेज प्रताप यादव ने अपनी तस्वीरों के साथ किये ट्वीट में लिखा है - अरे! क्यों खाना है धोखा, जब खाने के लिए है लिट्टी-चोखा। बूझे कि नहीं बूझे।
वे आगे लिखते हैं - भारत की मिट्टी और बिहार की लिट्टी, बेजोड़ है, अतुल्य है। साफ़ जाहिर है कि तेज प्रताप अपनी इन तस्वीरों और ट्वीट के साथ पोलिटिकल मैसेज भी दे रहे हैं।
उन्होंने बिना कहे कि जदयू के उस स्लोगन पर निशाना साधा है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कहा गया था कि 'क्यों करें विचार, ठीके तो हैं नीतीश कुमार।'
बता दें कि तेज प्रताप यादव के पिता व राजद प्रमुख लालू यादव का लिट्टी-चोखा प्रेम भी जगजाहिर है। साथ में यह पहली बार नहीं है कि तेज प्रताप यादव अपने पिता लालू के नक़्शे-कदम पर चलते दिखे हैं। इससे पहले भी वे कई मौकों पर अपने बयानों और अपने कामों में लालू की झलक दिखा चुके हैं।
जदयू ने तेज के ट्वीट पर किया तंज-तेज प्रताप यादव के इस ट्वीट पर जदयू भी पलटवार करने से नहीं चूका है। जदयू के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से तेज प्रताप के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा गया है कि 'बाप खाया चारा, बेटा खा रहा चोखा। 9 वीं और 12 वीं फेल ही तो बिहार को दे रहे हैं धोखा।'
तेजस्वी के ट्वीट पर भी किया अटैक-जदयू के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से आज पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के एक ट्वीट पर भी जवाबी हमला किया गया है।
तेजस्वी ने एक कार्टून के साथ ट्वीट किया था - 15 वर्षों की एनडीए सरकार से बिहार में नौकरी मांगना गुनाह है। नीतीश कुमार और बीजेपी ने मिलकर विश्व में बिहार को बेरोज़गार का केंद्र बना दिया है। युवा विरोधी इस सरकार से हक़ माँगो तो लाठी मिलती है।
इसी ट्वीट पर जवाब देते हुए जदयू ने कहा - जरा इस बात का भी हिसाब बताइये कि आपके पिताजी के 15 साल के शासन को बिहार के इतिहास का काला अध्याय क्यों बोलते हैं? क्यों उसे जंगलराज के नाम से जाना जाता है? बताइये उस राज में कितनी हत्याएं और किडनैपिंग हुई? बिहार में पलायन आपकी पार्टी के शासन में ही क्यों हुआ?