लालू की ओर से दाखिल जमानत याचिका में कहा गया है कि उन्होंने इस मामले में आधी सजा काट ली है। इस आधार पर उन्हें जमानत मिलनी चाहिए।
जबकि cbi की ओर से इसका विरोध किया गया। cbi की ओर से बताया गया कि अभी आधी सजा पूरी होने में 23 दिन कम है। इस कारण आधी सजा काटने के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती।
जबकि लालू प्रसाद की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि नौ अक्तूबर को आधी सजा की अवधि पूरी हो रही है। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। वह कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। इस कारण भी अदालत लालू को जमानत दे सकती है।
जुलाई महीने में लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ता के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी और जमानत के लिए लालू यादव के बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था।
जमानत याचिका में आधार बनाया गया है कि लालू प्रसाद यादव ने चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में cbi कोर्ट द्वारा सजा की आधी अवधि पूरी कर ली है और लालू प्रसाद यादव फिलहाल आधा दर्जन से ज्यादा गंभीर असाध्य रोगों से ग्रसित हैं इसलिए उन्हें जमानत दी जाए।