पुलिस के लिए चौंकाने वाली बात यही थी कि चारों मकान पर राजू यादव का कब्जा था, जबकि ये मकान प्रधानमंत्री की आवास योजना के तहत गरीब बेघर लोगों को आवंटित थे। जांच में सामने आया कि राजू ने इन मकानों को पहले महंगे किराए पर लिया और बाद में कब्जा में कर लिया था।
पुलिस के एक जागरूक नागरिक ने इस रैकेट के बारे में पुख्ता सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने बुधवार की देर रात इन मकानों पर छापेमारी की तो 11 लड़कियां अंदर मिलीं, जबकि मकानों के ताले बाहर से बंद थे। इसके बाद मुख्य आरोपी राजू यादव को अरेस्ट किया गया। पकड़ी गई सभी लड़कियां महाराष्ट्र, बंगाल और उड़ीसा की हैं।
पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि राजू और उसके साथी ग्राहक लाया करते थे। वे प्रति ग्राहक से 1 से 2 हजार रुपए लेते थे। ग्राहकों के मकान में अंदर जाते ही राजू और उसके साथी मकान में बाहर से ताला लगा देते थे। यह सिलसिला पिछले 3-4 हफ्तों से चल रहा था। आसपास के लोगों को इसकी भनक तो थी, लेकिन राजू के डर से कोई मुंह खोलने तैयार नहीं था