तीन वर्षों से बंद रामेश्वर जूट मिल (Rameshwar jute mill)एक सप्ताह के भीतर काम करने लगेगी। इससे चार हजार से अधिक लोगों को फिर से रोजगार मिल जाएगा। उद्योग विभाग (industry department) के मंत्री महेश्वरी हजारी ने शनिवार को उक्त बातें कही। मंत्री ने कहा कि इसके लिए मिल प्रबंधन के मालिक प्रतीक चिरौरा से वार्ता हुई है। रविवार से बंद पड़े मिल में मेंटेनेंस (maintenance) का काम शुरू हो जाएगा। अगले एक सप्ताह तक मिल में काम शुरू हो जाएगा। मंत्री ने कहा कि खाद्य निगम का 10 करोड़ 26 लाख रुपये बकाया है। इसके अलावा सूद की राशि 20 लाख रुपये है। इसको लेकर मिल मालिक और विभागीय सचिव के बीच वार्ता भी कराई गई है। जल्द ही इसका निपटारा हो जाएगा। बिजली विभाग के बकाया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बात चल रही है। इसका भी निपटारा करा दिया जाएगा। श्रमिक व अन्य कर्मी का बकाया भुगतान भी किस्त में किया जाएगा। मंत्री ने कहा उद्योग विभाग से प्रोत्साहन राशि देकर काम शुरू कराने की दिशा में कार्य जारी है। मिल को केंद्र सरकार से भी मदद दिलाई जाएगी। कोरोना काल में चल रही विशेष योजना
मंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के कारण विशेष योजना चलाई जा रही है। मुख्यमंत्री कुशल श्रमिक कलस्टर योजना के तहत Pusa में फल व सब्जी कलस्टर (vegetable cluster) एवं Mohanpur में नाव कलस्टर पर कार्य चल रहा है। इसमें प्रति कलस्टर 20 लाख रुपये की लागत है। जिला औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना के तहत mohaddinagar में भीमा जूता चप्पल योजना, मोहनपुर में दशहरा नाव योजना, मथुरापुर में खिलौना रेडिमेड योजना, मोहनपुर में दशहरा नाव योजना चल रही है। सभी इकाई पर 10-10 लाख रुपये की लागत आ रही है। इसके अतिरिक्त जिला में औद्योगिक वातावरण (industrial environment) तैयार करने, उद्यमी को यथा संभव सहायता देने, शिक्षित बेरोजगार को रोजगार (employment) मुहैया कराने और बंद पड़े industry को चालू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।