2020/08/09

समस्तीपुर-भारत का छात्र फेडरेशन ने छात्र विरोधी नई शिक्षा नीति के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन को सफल बनाया

BIHAR-SAMASTIPUR- भारत का छात्र फेडरेशन समस्तीपुर के केन्दीय  कमिटि के आह्वान पर ज़िल कमिटी समस्तीपुर जिला कार्यालाय ज़ितवारपुर  विभूतिपुर  पतेलिया भुसबर बौरिया  में छात्र विरोधी नई शिक्षा नीति(NEP)के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन को सफल बनाया,जिसका नेतृत्व ज़िल सचिव संतोष कुमार सेंटू  ने करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति छात्र विरोधी, ग़रीब विरोधी एवं अलोकतांत्रिक तरीके से लाया गया है,शिक्षा का बाज़ारीकरण, शिक्षा कॉर्पोरेट घराने को सौंपने की साजिश है।

यह पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधीन नीति है जो भारत के संघीय ढांचे पर हमला है।. UGC को खत्म कर हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी के जरिये वित्तीय सहायता का एक मात्र अर्थ है,अनुदान के बदले कर्ज़,अनुदान राशि लौटाया नही जाता जबकि कर्ज़ सूद सहित लौटाना पड़ेगा। इसका मतलब है छात्रों के फीस में अभूतपूर्व विर्द्धि होगी।जिससे गरीब छात्र आदिवासी छात्रों को शिक्षा से वंचित करना।
शिक्षा का केंद्रीकरण जिसमे शिक्षाविदों की संख्या एवं भूमिका नाम मात्र है ,कुल मिला कर राजनेता एवं नॉकरशाह कॉरपोरेट घरानों से मिलकर शिक्षा की दशा दिशा तय करेगी,शिक्षाविद नही।। 
देश के सभी कॉलेजों विश्विद्यालय एवं शोध संस्थान का निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है ।

नई शिक्षा नीति NEP2020 निजी कंपनियों के तर्ज पर बोर्ड ऑफ गवर्नर का प्र।बध।न किया गया है।सभी संस्थान ब्यसा ही होंगे।यानी इनकी वित्तीय एवं प्रशासनिक एवं फीस से लेकर वेतन और अकादमिक फैसले सब यही होंगे।आज़ादी के बाद शिक्षा उद्देश्य या योग्य एवं सेरेशट नागरिकों का निर्माण करना।

मोदी सरकार ने निजी हाथों में संस्थानों को सौंपकर शिक्षा की नीति को मुनाफा कमाने का धंधा बना लिया ।अब छात्रों के फीस में अभूतपूर्व विर्द्धि होगी।शिक्षा का निजीकरण का सीधा असर ,गरीब ,आदिवासी, दलित, महिला ,हाशिये पर स्थित समाज पर होगा।
नई शिक्षा नीति में इसकी कोई चिंता नही दिखती।

इसमे अपंग ब शिक्षा से वंचित तबकों जैसे दलित छात्रों के लिये जो आरक्षण का प्र।वधान है उसे भी खत्म करने की साजिश है ।
मल्टी एग्जिट के माध्यम से शिक्षा का वेबसाइ करण जितना छात्रों के पास पैसा होगा उतना ही शिक्षा ग्रन कर सकेग। 4 साल का अस्नातक थोप। जा रहा है । प्र।थमिक शिक्षा में भी उलटफेर कर के  आगनबाड़ी केंद्रों व कर्मियों को खत्म करने की योजना है, इसका  एस एफ आई बिरोघ करती है |मौके पर मौजूद sfi  के जिलाघ्यझ  अबनिश कुमार राघवेंद्र कुमार  विरेन्द , केशव कंचन  ,छोटु  ,सुनील कुमार ,  आदि मौजूद रहे।