BIHAR-समस्तीपुर- जिले के विभूतिपुर, विद्यापति, हथौरीकोठी सहित पीएमसीएच,अररिया एवं दरभंगा जिले के दुष्कर्म मामले के तमाम आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर आइसा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों से हाथों में मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां लेकर राज्यव्यापी प्रतिरोध दिवस के तहत वृहस्पतिवार को शहर के काशीपुर, जितवारपुर सहित अन्य जगहों पर लॉकडाउन का पालन करते हुए धरना देकर विरोध जताया।
धरना को संबोधित करते हुए आइसा जिला सह- सचिव प्रीति कुमारी ने कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति नीतीश-मोदी सरकार कितना गंभीर है,यह महिलाओं और छात्राओं के साथ प्रत्येक दिन गैंगरेप- छेड़खानी की हो रही घटना से पता चल रहा है।
सरकार का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा सिर्फ छलावा बनकर कर रह गया है। वहीं जिला उपाध्यक्ष मनीषा कुमारी ने कहा कि पीएमसीएच के क्वॉरेंटीन में रह रही छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना बेहद शर्मसार करने वाला है।
सीएम के नाक के नीचे इस तरह के घटना महिला सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है।आइसा नेत्री द्रख्शा जवी ने जिले के विभूतिपुर, हथौरीकोठी, विद्यापतिनगर के नाबालिक लड़कियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सभी पीड़िता एवं उसके परिजनों को सुरक्षा प्रदान करने और सामूहिक दुष्कर्म के तमाम आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है।
प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि दरभंगा की ज्योति पासवान के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले पर कठोर कार्रवाई कर ज्योति को न्याय देने में प्रशासन आनाकानी कर रही है। वहीं अररिया के बलात्कार पीड़िता को ही अदालत की अवमानना का आरोप लगाकर जेल भेज दिया गया है। सिर्फ इस बात पर कि पीड़िता अपने बयान की रिकॉर्डिंग के समय सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी चाहती थी।
जबकि पांच में से चार आरोपी को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अररिया बलात्कार पीड़िता को रिहा करने,ज्योति को न्याय देने समेत अन्य सभी गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार कर अभिलंब सजा देने की आइसा मांग करती है। धरना में उक्त वक्ताओं के साथ रंजना कुमारी, निशा कुमारी, मनीषा कुमारी मो.फरमान समेत दर्जनों छात्र-छात्राएं शामिल थी।
रिपोर्ट-संजय कुमार सिंह