BIHAR-SAHARSA-कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी फैल रहा है। हर कोई इससे बचाव को लेकर सतर्कता बरत रहा है। ऐसे में नवजात शिशुओं की देखभाल की विशेष आवश्यकता है। कोरोना वायरस को लेकर नवजात की सेहत खराब होने पर चुनौतियां बढ़ सकती हैं। इस लिहाज से नवजात को बीमार होने से बचाने की भी अधिक जरुरत है ताकि लोगों को अपने नवजात को दिखाने के लिए अस्पताल जाने की नौबत नहीं आए।
नियमित स्तनपान से शिशु का डायरिया से होता है बचाव: सिविल सर्जन डॉ. अवधेश कुमार ने बताया शिशु के लिए स्तनपान अमृत समान होता है। जन्म के 1 घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान करना चाहिए तथा छह माह तक केवल स्तनपान करना चाहिए । ऐसा करने से शिशु कई गंभीर बीमारियों जैसे डायरिया एवं निमोनिया से बचा रहता है। साथ ही इससे शिशु के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का भी विकास होता है।
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए नवजात देखभाल की जरूरत अधिक बढ़ जाती है। इसके लिए परिवार वालों को सावधानियां बरतने की जरूरत है। ताकि नवजात को कोई भी संक्रमण ना हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए जरुरी है कि नवजात की घर पर ही अच्छे से देखभाल की जाए। इसमें स्तनपान के साथ कंगारू मदर केयर एक प्रभावी उपाय हो सकता है। इससे नवजात में हाइपोथर्मिया की समस्या से भी निजात मिलेगा एवं कम वजन के बच्चों के वजन में भी वृद्धि होगी।
इन बातों का रखें विशेष ख्याल
- जन्म के 1 घंटे के भीतर स्तनपान जरूर कराएं।
- 6 माह तक बच्चे को केवल स्तनपान कराएं, पनि भी नही दें।
- स्तनपान कराने से पहले माताएं अपनी स्वच्छता का ख्याल रखें।
- हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोकर एवं सा़फ कपडे पहनकर ही बच्चे को स्तनपान कराएं।
- घर के किसी सदस्य में सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण हों तो बच्चे को स्पर्श ना करें।
- नवजात को गर्मी के कारण स्नान नहीं कराएं।
- बच्चे को साफ कपड़ा पहनाएं व घर से बाहर न ले जाएं।
संक्रमण की स्थिति में माता बरतें सावधानी:
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोवीड-19 से संक्रमित माताओं द्वारा स्तनपान कराने से संक्रमण का प्रसार बच्चे तक नहीं होता है। लेकिन इसके लिए संक्रमित माता को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
- बेहतर श्वसन स्वच्छता के साथ सुरक्षित रूप से स्तनपान करें
- अपनी नवजात शिशु की त्वचा को पकड़ कर रखें
- अपने बच्चे के साथ एक अलग कमरा साझा करें
- अपने बच्चे को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को अच्छी तरह साफ़ करें
- स्पर्श करने वाले सभी सतहों की भी नियमित सफाई करें