यह अधिकार उन्हें ‘द बिहार एपेडिमिक डिजीज कोविड 19 रेगुलेशन, 2020’ के तहत दिया गया है।
इसी कानून के तहत सभी जिलों के डीएम को निजी अस्पताल या निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए निर्धारित संख्या में बेड आरक्षित किये जाने का भी अधिकार दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किया।
जारी आदेश के अनुसार निजी अस्पताल या निजी मेडिकल कॉलेज द्वारा कोविड 19 के मरीजों के लिए चिन्हित किये गए बेड का संचालन एवं प्रबंधन अपने स्तर से करना होगा।
इस निर्देश के तहत अब सभी जिलों में कोरोना के मरीजों को निजी अस्पतालों व निजी मेडिकल कॉलेजों में इलाज के लिए भर्ती की सुविधा मिलने लगेगी।