उन्होंने लिखा कि सजायाफ्ता से इतनी हमदर्दी दिखाने वाले यह तथ्य छिपा रहे हैं कि लालू प्रसाद चारा घोटाला के दोष सिद्ध अपराधी हैं, कोई राजनीतिक बंदी नहीं. वे कोरोना काल में भी अगर जेल नियमों का उल्लंघन कर दरबार लगा रहे हैं, तो इस पर अदालत और सीबीआई को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए.
सुशील मोदी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि कोरोना संक्रमण की जांच के लिए बिहार को 40 हजार रैपिड एंटीजन किट मिले, जिससे सभी जिलों में सैंपल की जांच 24 घंटे की बजाए अब मात्र 30 मिनट में होने लगेगी. दूसरी अच्छी खबर यह कि पिछले 20 दिनों में चमकी बुखार से एक भी मौत नहीं हुई है.
https://twitter.com/SushilModi/status/1282660380305526784?s=19उन्होंने ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी कि मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के इलाज के लिए 100 बिस्तर वाला विशेष अस्पताल एक साल के भीतर बना लेने से इस रोग पर काफी हद तक काबू पाया जा सका.
पिछले साल आरजेडी के राजकुमार चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों के परिवार से मिलने तक नहीं गए थे. अब उन्हें कम से कम विशेष अस्पताल तो देख ही लेना चाहिए. विपक्ष रोज बयान देकर पीड़ित परिवारों का मनोबल तोड़ रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं के ICU में होने का अनर्गल आरोप लगा रहा है, लेकिन उन्हें कोरोना और चमकी बुखार से निपटने में सरकार की तत्परता दिखाई नहीं पड़ती.