पुलिस प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने 2010 के बाद से कई बार अपने ठिकानों का साथ ही नौकरी तक को बदल दिया था। हालांकि, आखिरकार अपराध के 10 साल बाद पुलिस ने बलात्कार के आरोपी को रविवार को हिसार के हांसी से धर दबोचा।
जांच में पता चला है कि अपराध करने के बाद आरोपी दिल्ली भाग गया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपने ठिकानों के साथ अपनी नौकरी भी बदलता रहा। इस दौरान उसने राजधानी में एक निजी कंपनी में काम करने के अलावा एक फूल विक्रेता और ड्राइवर के रूप में काम किया था। वह लगभग 10 साल तक दिल्ली में ही छिपा रहा।
जांच के दौरान, अदालत ने उसे 2012 में एक घोषित अपराधी भी घोषित कर दिया था। पुलिस ने जुलाई 2018 में उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा भी की थी।
प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी की पहचान हांसी के रहने वाले सुरेश उर्फ कालिया के रूप में हुई है। आरोपी ने सितंबर 2010 में एक गांव के मंदिर में रहने वाली महिला के साथ बलात्कार किया था। इस संबंध में सदर पुलिस स्टेशन हांसी में एक केस दर्ज किया गया था और आरोपी तभी से फरार था।