तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा है कि बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में अभी तक मात्र 0.35 फीसदी लोगों का ही कोरोना टेस्ट कराया गया है. प्रति 10 लाख मात्र 3508 लोगों की जांच हो रही है, जो देश में सबसे कम है. उन्होंने कहा कि 140 दिन में प्रतिदिन जांच का औसत सिर्फ 3158 है. तेजस्वी ने कहा है कि पिछले दो हफ्ते से हो रहे एंटीजन टेस्ट को छोड़ दें, तो आज भी बमुश्किल 3000 टेस्ट ही हो रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि बगैर टेस्ट और उपचार कराए भी लोग मर रहे हैं. इनकी गिनती ही नहीं की जा रही. तेजस्वी ने कहा है कि सरकार को अब तो गंभीर हो जाना चाहिए.
उन्होंने एक और ट्वीट कर कहा कि जुलाई महीने में बिहार का पॉजिटिविटी रेट 12.54 फीसदी है, जो देश में सबसे ज्यादा है. आरजेडी नेता ने कहा कि कोरोना से सिर्फ जुलाई के महीने में, अब तक के 25 दिन में ही 159 लोगों की मौत हुई है. यानी प्रतिदिन छह लोगों की मौत हो रही है.