2020/06/25

SAMASTIPUR-लोकतंत्र का काला अध्याय था आपातकाल - अमन पराशर

BIHAR-SAMASTIPUR-विभूतिपुर के भाजपा दक्षिणी मंडल अध्यक्ष अमन पराशर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि लोकतंत्र काला अध्याय आपातकाल था। जब लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंट दिया गया। आज ही के दिन 1975 में आधीरात जब आपातकाल के निर्णय पर तत्कालीन राष्ट्रपति फकरुद्दीन अली अहमद ने मंत्रिमंडल के निर्णय हस्ताक्षर कर मुहर लगाया था। वह क्षण भयावह था, जब प्रेस की आजादी छीन लिया था।लाखों नेताओ कोजेल के ज़लखो में डाल दिया गया था।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिवंध लगाया गया। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रायबरेली लोकसभा चुनाव को आदरणीय राज नारायण के चुनाव याचिका पर निरस्त कर छह वर्षो तक चुनाव लड़ने पर प्रतिवन्धित किया।प्रधानमंत्री के सरकारी सचिव चुनाव  अभिकर्ता थे और जिलाधिकारी एवम पुलिस अध्य्क्ष जैसे अधिकारी ने खूलेआम मदद किया।धनबल का प्रयोग किया गया। उस समय बिहार की धरती से क्रांति कि शुरुआत जय प्रकाश नारायण ने कि थी। उस समय विपक्ष के नेता रहे अटल बिहारी बाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी सहित अन्य सभी विपक्षियों  को जेल मे डाल दिया गया। छोटे- छोटे बच्चों को जबरदस्ती नसबंदी किया गया।मौलिक अधिकारों का हनन किया गया।सम्पूर्ण देश जेल मे परिवर्तित किया गया। अपूर्ण मानवता के लिए संकट का क्षण था। मंडल अध्यक्ष अमन पराशर ने आगे कहा कि आज के दिन भाजपा काला दिवस के रूप में मना रही है और कांग्रेस पार्टी के किए गए उस कार्य की निंदा करते हैं।  निंदा करने वालों में विश्वनाथ चौधरी तूफान, सतीश झा, पंकज कुमार लाल, मुरारी झा, दीपक कौशल, राजू पटेल, ब्रजेश सिंह, रामनाथ झा, रामबालक महतो, मिथिलेश महतो, रेखा देवी, संतोष सिंह, सियाराम राय, सुरेंद्र यादव, राजीव झा, मनोज साह, अमरजीत पासवान, चंदन दास, दिनेश ठाकुर, हरेराम दास सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे।

REPORT-SANJAY KUMAR SINGH