BIHAR-SAHARSA- मानसून आने के पहले प्रत्येक वर्ष पूरे जून को मलेरिया माह के रुप में मनाया जाता है। जिले में भी यह माह पूरे महीने मनाया जा रहा है। इस संबंध में संचारी रोग रोकथाम पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार ने कहा कि मलेरिया के रोकथाम के लिए प्रत्येक पीएचसी को मलेरिया से बचाव व लक्षण वाले पोस्टर और बैनर दिए गये हैं। वहीं हरेक पीएचसी में मलेरिया किट भी जांच के लिए तथा दवा के रुप में क्लोरोक्वीन की दवाएं पहले से ही पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गयी हैं।
क्या है मलेरिया बुखार-मलेरिया बुखार एक संक्रामक रोग है जो व्यक्ति को मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है इस मच्छर में एक विशेष प्रकार का परजीवी पाया जाता है जिसे डॉक्टरी भाषा में प्लास्मोडीयम कहा जाता है । गौर करने वाली बात यह है कि इस मादा मच्छर में पाए जाने वाले प्लाजमोडीयम की 4 प्रजातियां होती है । मच्छर के काटने से प्लास्मोडीयम नामक प्रोटोजोआ शरीर में चला जाता है ,और रोगी के शरीर में कई गुना वृद्धि करता है । ये परजीवी लीवर और रक्त कोशिकाओं को संक्रमित कर के रोगी को बीमार करता है समय पर इलाज न होने की स्थिति में यह बीमारी जानलेवा हो सकता है । इसमे तेज बुखार पसीना आना सर में दर्द और उल्टी आना इस रोग के लक्षण है अपने आसपास गंदगी और पानी न पनपने दें क्योंकि इससे मच्छर पनपने का डर रहता है!
वाहक जनित रोग है मलेरिया :-मलेरिया एक वाहक जनित रोग है जो प्लाजमोडीयम नामक परजीवी द्वारा फैलता है । यह रोग प्लाजमोडीयम परजीवी के माध्यम से फैलता है मलेरिया के लक्षण तेज बुखार ,जोड़ों में दर्द ,उल्टी, हिमोग्लोबिन की कमी मलेरिया के सबसे आम लक्षण है । अचानक तेज कंपकपी के साथ पीत लगना जिस के फौरन बाद बुखार आता है । 4 से 6 घंटे के बाद बुखार उतरता है और पसीना आता है
साफ-सफाई से रहेंगे स्वस्थ- डॉ रविन्द्र कुमार मलेरिया से बचाव के बारे में बतलाते हुए कहा कि मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए। समय-समय पर कीटनाशकों का छिड़काव करें। घर की स्वच्छता को प्राथमिकता में रखें। खिड़की और दरवाजों में जालियां लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। खाली डिब्बे, गमले या अन्य ऐसी चीजें घर में न रखें, जिनमें पानी कई दिन तक भरा रहे और मच्छरों को पनपने का मौका मिले। कूलर का पानी बदलते रहें। इस वार्ता में जिला संचारी रोग रोकथाम पदाधिकारी डॉ रवीन्द्र कुमार तथा जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी , प्रवीण कुमार वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी , राजेश कुमार ,जिला भी बी डी , सलाहकार तथा , अशफाक उल्लाह डाटा इंट्री आपरेटर तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध थे।