SAMASTIPUR : बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और प्रदेश जदयू महासचिव रामबालक सिंह मामले में सोमवार को कोर्ट ने सजा सुनाई। कोर्ट में रामबालक सिंह बनाम ललन सिंह का मामला 21 साल से चल रहा था।
आज समस्तीपुर जिला की एलएलए-एमपी सेशन कोर्ट के एडीजे 3 प्रणव कुमार झा ने विभूतिपुर से पूर्व JDU विधायक रामबालक सिंह और उनके भाई लालबाबू सिंह को 5 साल की सजा और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने पूर्व विधायक को 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए 5 साल की सजा, 324 में 3 वर्ष की सजा, 341 और 323 में 1 वर्ष की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
वर्ष 2000 में विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शिवनाथपुर गांव में 6 जून 2000 को भोज खाकर लौट रहे सीपीएम नेता ललन सिंह पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में विभूतिपुर थाना कांड संख्या 62/ 2000 दर्ज किया गया था। इस मामले में सभी गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने 10 सितंबर को आर्म्स एक्ट में दोषी करार देते हुए पूर्व जेडीयू विधायक को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।
आज न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूर्व जेडीयू विधायक रामबालक सिंह और उनके भाई को सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले के बाद विधायक समर्थकों में मायूसी देखने को मिली। पूर्व विधायक के वकील अभिताभ भारद्वाज ने बताया कि न्यायालय के इस फैसले के बाद वो उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
वहीं पीड़ित ललन सिंह ने न्यायालय के इस फैसले पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि 21 साल के बाद जो फैसला आया है, उससे वो खुश हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी दबंग व्यक्ति था, जो अपने पैसे और रसूख के बल पर अब तक बचता रहा था लेकिन न्यायालय ने आज उसे सजा देकर सबके साथ न्याय किया।
वहीं पीड़ित ललन सिंह ने न्यायालय के इस फैसले पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि 21 साल के बाद जो फैसला आया है, उससे वो खुश हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी दबंग व्यक्ति था, जो अपने पैसे और रसूख के बल पर अब तक बचता रहा था लेकिन न्यायालय ने आज उसे सजा देकर सबके साथ न्याय किया।