2021/03/09

बड़ी खबर : बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने कर दिया खेला...जो मर गया उसे बना दिया सिविल सर्जन

DESK : मुर्दे के तबादले का मामला शेखपुरा जिला से जुड़ा है जहां के सिविल सर्जन की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग ने एक ऐसे डॉक्टर को दी है जिसकी पहले ही मृत्यु हो चुकी है. 

बिहार में सोमवार को 12 सिविल सर्जनों की नियुक्ति की गई है, जिसको लेकर राज्य के स्वास्थ्य विभाग कठघरे में खड़ा हो गया है। राजद विधायक अशोक सम्राट का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में किस तरह से काम हो रहा है, यह सीएस की नियुक्ति में देखा जा सकता है कि उन्होंने एक मृत डॉक्टर की पोस्टिंग कर दी है। यह साबित करता है कि सरकार की स्वास्थ्य विभाग किस तरह काम करता है।


एक महीने पहले जिस चिकित्‍सक का निधन हो चुका है, वे अब शेखपुरा के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की कमान संभालेंगे। चौंक गए न! बिहार सरकार  के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग  का तो ऐसा ही मानना है।

 राज्‍य मुख्‍यालय से अधिसूचना जारी कर एक महीना पहले मर चुके डॉ. रामनारायण राम को शेखपुरा के सिविल सर्जन के पद पर भेजा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि इस हाइटेक युग में भी स्‍वास्‍थ्‍य विभाग कितना अपडेट है।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के कारनामे की अक्‍सर चर्चा होती रहती है। एक बार फिर कुछ ऐसा हुआ है जिससे विभाग की किरकिरी हो रही है। यह गलती जिला स्‍तर से नहीं, बल्कि राज्‍य मुख्‍यालय से हुई है। मृतक चिकित्सक बिक्रमगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी थे। 

बीते सात फरवरी को उनका निधन हो गया। निधन की सूचना से स्तब्ध यहां के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों ने 8 फरवरी को शोक सभा कर उन्‍हें श्रद्धांजलि दी। डॉ. राम यहां करीब छह वर्ष से कार्यरत थे। इससे पूर्व में वे बक्सर जिला में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और प्रभारी सिविल सर्जन की जिम्‍मेदारी निभा चुके थे। 

वे मूल रूप से भोजपुर जिले के रहने वाले थे। आठ मार्च को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में डॉ. आर एन राम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बिक्रमगंज को शेखपुरा जिला का सिविल सर्जन बनाया गया। अब डॉ. रामनारायण राम (स्‍वर्गीय) किस तरह से शेखपुरा के सिविल सर्जन की जिम्‍मेदारी निभाएंगे यह तो विभाग ही बताएगा।