2021/03/14

निगरानी के शिकंजे में अधीक्षण अभियंता, 1.30 लाख घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, पटना में किराए वाले घर से भी 10 लाख बरामद

PATNA : निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के शिकंजे में इस बार एक बड़ी मछली हाथ लगी है। इस बड़ी मछली का नाम रंजन प्रसाद कुमार है।

 यह भवन निर्माण विभाग में अधीक्षण अभियंता हैं। वर्तमान में इनकी पोस्टिंग छपरा में है। शनिवार को 1.30 लाख रुपए घूस की रकम लेते हुए पटना से गई निगरानी की टीम ने इन्हें रंगे हाथ पकड़ा। 

साथ ही इनकी निशानदेही पर राजधानी के पाटलिपुत्रा थाना इलाके के तहत किराए के घर में छापेमारी की। वहां से 10 लाख रुपए कैश और लाखों रुपए की सोना-चांदी की ज्वेलरी बरामद की गई। टीम ने इसे जब्त कर लिया है।


दरअसल, छपरा में सेल्स टैक्स भवन के सरकारी बिल्डिंग के रेनोवेशन का काम होना था। इसके लिए सबकुछ फाइनल होना था। 2019-20 की योजना में इसके लिए रुपए भी पास कर दिए गए थे।

 आरोप है कि अधीक्षण अभियंता ने इसमें पेंच लगा दिया। तकनीकी तौर पर अपनी स्वीकृति प्रदान करने के लिए ठेकेदार इंद्रजीत कुमार सिंह से 3 लाख रुपए के घूस की डिमांड कर दी।

ठेकेदार भी छपरा के भेल्दी थाना के तहत महरूआ गांव के रहने वाले हैं। 12 मार्च को ठेकेदार ने इस मामले की शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में जाकर लिखित रूप से शिकायत की थी।

 मिली कंप्लेन के आधार पर डीएसपी सुरेंद्र कुमार मौआर की अगुवाई में एक टीम बनाई गई। यही टीम शनिवार को छपरा गई। कंप्लने की जांच की। 

फिर भवन निर्माण विभाग के ऑफिस में छापेमारी की और रंजन प्रसाद कुमार को रंगे हाथ दबोचा। फिलहाल उनसे छपरा में ही पूछताछ की जा रही है। इसके बाद ही कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।