PATNA : मुख्य सचिवालय के टॉयलेट में LDC धर्मेंद्र बहादुर की मौत हो गई। वे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कार्यरत थे। शौचालय की सीट पर धर्मेंद्र बहादुर लुढ़के मिले। सहकर्मियों के मुताबिक उन्हें पहले से फेफड़े की बीमारी थी। उनकी उम्र करीब 50 साल बताई जा रही है।
ऑफिस आकर सीधे टॉयलेट गए थे धर्मेंद्र
सहकर्मियों ने धर्मेंद्र बहादुर का मोबाइल खोजा। लेकिन वह उनके पास नहीं मिला। मंगलवार को दफ्तर आने के बाद वे अपनी कुर्सी पर भी नहीं गए थे। सीधे, टॉयलेट चले गए थे। घरवालों के मुताबिक धर्मेंद्र अपनी स्कूटी से ऑफिस के लिए सुबह 11 बजे घर से निकले थे लेकिन 12 बजे तक ऑफिस नहीं पहुंचे। सहकर्मियों ने उनके घर पर कॉल किया तो धर्मेंद्र की पत्नी ने बताया कि वे तो 11 बजे ही ऑफिस के लिए निकल गए हैं।
टॉयलेट शीट पर लुढ़का था शव
इसके बाद सहकर्मियों ने उनकी तलाश शुरू की। जब उनके टॉयलेट में होने का अंदेशा हुआ तो सबने दरवाजा खटखटाया । बार-बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई आवाज नहीं आई। फिर दरवाजे को तोड़ा गया। अंदर धर्मेंद्र बहादुर टॉयलेट शीट पर मृत पड़े थे।
उनका शव एक तरफ लुढ़का हुआ था। यह देख सहकर्मियों के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। धर्मेंद्र बहादुर के सहकर्मियों ने बताया कि वे फेफड़े की बीमारी से ग्रस्त थे और उनका फेफड़ा 50 परसेंट ही काम कर रहा था।
उनको डायबिटीज भी थी। सांस फुलती थी, इसलिए हमेशा लिफ्ट से ही ऊपर चढ़ते थे। सोमवार को उन्होंने सहकर्मियों के साथ मंगलवार को डॉक्टर से दिखाने की चर्चा भी की थी। इस तरह अचानक हुई मौत का कारण हार्ट फेल भी बताया जा रहा है। इस घटना के बाद सचिवालय थाने की पुलिस राजस्व एवं भूमि सुधार दफ्तर में पहुंची। इस मामले में यूडी केस दर्ज करने की तैयारी चल रही थी। सहयोगियों के मुताबिक धर्मेंद्र बहादुर काफी शांत स्वभाव के थे। कार्यालय में अपने काम में हमेशा व्यस्त रहते थे। इन दिनों वे कुछ तनाव में दिख रहे थे।
अनुकंपा पर मिली थी नौकरी
धर्मेंद्र बहादुर मूल रूप से सहरसा जिले के रहनेवाले थे। घर में उनकी पत्नी और सात-आठ साल का एक बेटा है। पटना के राजवंशी नगर में रहते थे। उनके पिता जी इसी विभाग में थे। नौकरी के दौरान ही उनकी मौत हो गई थी। पिता की जगह पर धर्मेंद्र को अनुकंपा के आधार पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में नौकरी मिली थी।