पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि दिसंबर माह में मुरलीगंज में ऋतिका का शव नदी से बरामद होने के बाद मृतिका के पिता के बयान पर प्रेम प्रसंग में अपहरण कर हत्या का मामला अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया था। ऋतिका हत्याकांड का उछ्वेदन के लिए एसडीपीओ अजय नारायण यादव के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।
टीम में सर्किल इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार, मुरलीगंज थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक किशोर कुमार, अवर निरीक्षक धनेश्वर मंडल व तकनीकी सेल के धीरेंद्र कुमार को शामिल किया गया। गठित टीम को अनुसंधान में पता चला कि जिस गाड़ी से ऋतिका के शव को ठिकाना लगाया गया था उस गाड़ी में जीपीएस लगा था। जिस दिन शव को ठिकाना लगाया गया था उस दिन जीपीएस को बंद कर दिया गया था।
इससे पुलिस टीम का शक गहराया और पुलिस टीम वैज्ञानिक तरीके से उक्त मामले का अनुसंधान शुरू किया गया। अनुसंधान के क्रम में पुलिस टीम ने जिस स्कॉर्पियो गाड़ी से शव को ठिकाना लगाया गया था उस स्कोर्पियो को चालक धीरज कुमार उर्फ मुखिया सहित सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चालक ने पूछताछ में बताया कि ऋतिका की हत्या कर स्वजनों ने ही शव को बेंगा नदी में फेंका था।
उन्होंने यह भी बताया कि जिस गाड़ी में शव को बेंगा नदी में फेकने ले जाया गया था उस गाड़ी को वह स्वयं चला रहा था। उन्होंने पूछताछ में बताया कि हत्या उसके पिता अरविंद कुमार डिंपल व उसके स्वजनों ने घर में हीं कर शव को अपने स्कोर्पियो से दूसरी रात बेंगा नदी में ले जाकर फेंक दिया था। ऋतिका के पिता अरविंद कुमार डिंपल ने पुलिस को दिग्भ्रमित करने की नीयत से प्रेम प्रसंग में हत्या होने का मामला दर्ज करवाया था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार चालक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। चालक के बयान का वीडियो ग्राफी भी करवाया गया है। ऋतिका के पिता अरविंद कुमार डिंपल अभी फरार है। उन्होंने कहा जांच के घेरे में घर के सभी सदस्य हैं। पुलिस टीम सभी से पूछताछ करेगी और संलिप्तता सामने आने पर उसे गिरफ्तार करेगी।
मौके पर एसडीपीओ अजय नारायण यादव,सर्किल इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार, मुरलीगंज थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मौजूद थे। मालूम हो कि ऋतिका की हत्या की प्रथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कुमार आनंद को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाकर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
Input-dainik jagran