SAHARSA : पिता होमगार्ड का जवान और बेटा शिक्षक। गांव में इज्जत थी। लेकिन, किसी को क्या पता कि जिसे सब लोग ‘गुरु’ समझ रहे थे, वह अपनी छात्रा की अस्मत से खेल रहा होगा। 7वीं की छात्रा गर्भवती हुई तो पता चला कि शिक्षक सालभर से यौन शोषण कर रहा था।
पहले नामसझी, फिर डर से होती रही शोषित
सौर बाजार थाना क्षेत्र के जिस गांव (लड़की की पहचान छिपाने के लिए नाम नहीं लिखा जा रहा) में लड़की का घर है, वहां एक प्राइवेट शिक्षक सुबलेश कुमार यादव कई बच्चों को पढ़ाता है। लड़की उन्हीं में से एक है। इस लड़की का वह एक साल से यौन शोषण कर रहा था। पहले तो लड़की प्यार के झांसे में यह समझ नहीं सकी और जब समझी तो शादी का झांसा देकर उसने अपना कुकृत्य जारी रखा।
करीब साढ़े 4 महीने पहले वह गर्भवती हो गई। लड़की ने इसे भी छिपाने की भरसक कोशिश की, लेकिन परिवार वालों को शारीरिक परिवर्तन से गर्भ की जानकारी हो गई। पूछने पर लड़की ने शिक्षक का नाम लिया। मामला पंचायत तक पहुंचा तो आरोपी के पिता होमगार्ड जवान राम बल्लभ यादव पर समाज ने दबाव बनाया। बीच का रास्ता निकालने के लिए पंचायत बुलाई गई।
पंचायत ने बच्ची की शादी का रास्ता सुझाया
मामला गांव से बाहर नहीं जाए और लड़की की जिंदगी बर्बाद नहीं हो- इन दो बातों का हवाला देकर पांच दिन पहले पंचायत हुई तो गांव वालों ने बाल विवाह का रास्ता निकाला। लड़की 7वीं की छात्रा है, इसलिए बाल विवाह के कानूनी पचड़े से बचने के लिए गांव में ही मामला रफा-दफा करने की तैयारी भी हो गई। तब आरोपी भी शादी के लिए तैयार हो गया और मामला शांत हो गया।
तनाव घटा तो लगा दी अस्मत की कीमत
आरोपी शिक्षक और उसके परिवार वालों को जब शादी की बात आने पर गांव में मामला शांत होता दिखा तो फिर दो दिन पहले पारिवारिक पंचायत बैठाई गई। मतलब, दोनों परिवार के लोग जुटे और बात शुरू हुई। पिता राज बल्लभ यादव के साथ इस पंचायत में आरोपी के रिश्तेदार गजो यादव, अखिलेश यादव आदि शरीक हुए। इसमें शिक्षक के परिवार वालों ने शादी की जगह 1.5 लाख रुपए में मामला रफा-दफा करने का खुला ऑफर दे दिया। इस पैसे से लड़की की शादी जल्दी कहीं और कराने की सलाह दी गई। लड़की के पिता ने इनकार कर दिया तो आरोपी ने दूसरा रास्ता निकाला।
ताकत के नाम पर गर्भपात की गोलियां दीं
आरोपी ने शादी के नाम पर छात्रा को एक बार फिर छला। इस बार उसने पेट में पल रहे बच्चे का नाम लेकर लड़की को एक दवा दे दी। लड़की को ताकत की दवा बोलकर उसने 6 फरवरी को गर्भपात कराने वाली कई गोलियां खिला दीं। इससे लड़की की हालत गंभीर हो गई। गांव से लोग उसे किसी तरह उठाकर सहरसा सदर अस्पताल ले आए।
लड़की की हालत खराब सुनकर आरोपी फरार हो गया। लड़की की ओर से महिला अधिवक्ता संगीता सिंह ने केस को महिला थाना भी पहुंचाया। महिला थानाध्यक्ष प्रेमलता भूपाश्री ने भास्कर को बताया कि लड़की और परिजनों का बयान दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कड़ी सजा के लिए केस तैयार किया जाएगा।