किसी तरह यहां से आजाद हुई तीन लड़कियों ने जानकारी दी कि उन पर अनावश्यक रूप से दबाव डालकर सेक्स करने के लिए मजबूर किया जाता था. उन्होंने बताया कि शेल्टर होम में गाली गलौच और हिंसक व्यवहार तो आम बात थी. शेल्टर होम से आजाद हुई एक महिला ने बताया कि वह 2 महीना से यहां रह रही थी. यहां पहुंचने के चौथे दिन ही संस्था संचालक ने गलत हरकत किया. जब उसने पुलिस में शिकायत की बता कही तो उसने कहा कि कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. इसके बाद उसने टॉर्चर करना शुरू कर दिया. इस बीच मेरे साथी के पति आए. उन्हीं की वजह से हम बाहर निकलने में कामयाब हुए हैं.
इस मामले में एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने कहा कि मामला काफी गंभीर है. सरकंडा के राजकिशोर नगर स्थित उज्जवला होम्स में कई युवतियां रहती हैं. सेन्टर से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें थाने में दर्ज हुई हैं. पुलिस पूरे मामले में गंभीरता से जांच कर रही है. बिलासपुर रेंज के आईजी रतन लाल डांगी को संबोधित एक और आवेदन दिया. आवेदन में उज्जवला घर के कर्मचारियों द्वारा धमकी के साथ शारीरिक और यौन शोषण के उदाहरणों का उल्लेख किया गया है. पुलिस ने कहा कि महिलाओं के बयान गुरुवार को जिला मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जाएंगे.