DESK : आतंकवाद निरोधक दस्ता ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी करने के मामले में गिरफ्तार सेना के पूर्व जवान सौरभ शर्मा को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके साथ ही उसके दो मोबाइल फोनों की भी छानबीन की जा रही है।
सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं के एवज में अनस गितैली सौरभ शर्मा और उसकी पत्नी के बैंक खाते में रुपये जमा कराता था। वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ की महिला अधिकारी के इशारे पर यह काम कर रहा था। अनस के बड़े भाई इमरान को एनआइए आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में पिछले वर्ष हैदराबाद से गिरफ्तार कर चुकी है। अनस से पूछताछ में आइएसआइ के नेटवर्क से जुड़े अन्य युवकों के बारे में अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
सौरभ की तरह जासूसी के लिए किन और लोगों को फंसासा गया था और उनसे किस तरह की सूचनाएं ली गईं। ऐसे कई रहस्य भी उजागर हो सकते हैं। हालांकि एटीएस पहले सौरभ के मोबाइल फोन से वह डाटा रिकवर करने का प्रयास कर रही है, जिससे यह साफ हो सके कि उसने सेना के कौन-कौन से गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की महिला एजेंट को भेजे थे। सौरभ के कब्जे से मिले मेमेरी कार्ड को भी खंगाला जा रहा है।
बता दें कि हापुड़ के बहादुरगढ़ थानाक्षेत्र के ग्राम बिहुनी निवासी पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा को शुक्रवार को पूछताछ के लिए एटीएस मुख्यालय बुलाया गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। उससे पूछताछ के आधार पर ही पंचमहल, गोधरा (गुजरात) निवासी अनस गितौली को भी गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों का कहना है कि सौरभ से अन्य इंटेलीजेंस एजेंसियों ने भी पूछताछ की है।