PATNA :तीन साल से नियोजन के लिए लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों ने गुरुवार को आवाज उठाई तो पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। मामला संविदा पर नियोजित कार्यपालक सहायकों के नियोजन का है। तीन साल से नियोजन के लिए लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका नियोजन रद्द किया जा रहा है और नया नियोजन बेल्ट्रान से किया जा रहा है।
पुलिस के लाठीचार्ज करने से माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में महिलाएं भी शामिल थीं। घटना को लेकर उनके अंदर काफी आक्रोश है। सोनपुर के रहने वाले नरेश सिंह यादव का कहना है कि सरकार रोजगार को लेकर दावा करती है लेकिन जब अधिकार की बात आती है तो लाठी बरसाया जाता है। बेरोजगार को अपनी बात भी कहने का अधिकार नहीं है।
अभ्यर्थियों की मांग है कि उनका नियोजन कराया जाए। आरोप है कि तीन साल से उनका पैनल है पर उनका नियोजन नहीं किया जा रहा है। बेल्ट्रॉन के पैनल का नियोजन किया जा रहा है। इस मामले को लेकर वह गर्दनीबाग में धरना भी दे चुके हैं। इसके बाद भी सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। बेल्ट्रॉन के अभ्यर्थियों का नियोजन करने और पुराना पैनल रद्द करने के विरोध में ही 100 से अधिक संख्या में नियोजित कार्यपालक सहायक के महिला-पुरुष अभ्यर्थी गुरुवार को BPSM के सामने इकट्ठा हुए थे।
पुलिस ने अभ्यर्थियों को वहां से हटाने का प्रयास किया लेकिन जब वह नहीं माने तो उनपर जमकर लाठी बरसाई गई। पुलिस ने आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया है। वहीं इस घटना में आधा दर्जन युवकों को पुलिस की पिटाई से हल्की चोटें आई हैं। बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के बाहर लगभग 45 मिनट तक अभ्यर्थी प्रदर्शन करते रहे।
इस दौरान पुलिस के साथ कई बार झड़प भी हुई। पुलिस को अभ्यर्थियों ने खूब छकाया। काफी देर तक दोनों में कहासुनी होती रही। पुलिस ने लाठीचार्ज कर युवकों को वहां से हटाकर प्रदर्शन शांत कराया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार उनके साथ मनमानी कर रही है और जब वह अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं तो उन्हें अपराधियों की तरह पीटा जा रहा है।