2021/01/11

समस्तीपुर में तिलकुट का सजा बाजार, तेजी पकड़ने लगा कारोबार

SAMASTIPUR : मकर संक्रांति को लेकर बाजार में तिलकुट की दुकानें सज गयी हैं। हालांकि संक्रांति में अभी चार दिन बाकी है। बावजूद इसके तिलकुट बनाने से लेकर खरीद-बिक्री का कारोबार रफ्तार पर है। सिर्फ शहर के गणेश चौक व मारवाड़ी बाजार में तकरीबन दो दर्जन दुकानें सज चुकी हैं, वहीं ताजपुर रोड व कचहरी रोड में आधा दर्जन दुकानों पर तिल, गुड़, चीनी एवं खोआ से बनी हुई वेरायटी खरीदारों को आकर्षित कर रही है।

तिल से बने रेवड़ी से लेकर तिल का लड्डू, रौल रजक, स्पेशल खोवा का तिलकुट, घी व पिस्ता, तिल इलायची के साथ गुड़ से बने तिलकुट की दर्जन भर वेरायटी बाजार में मौजूद है। खुदरा दुकानों पर भी बिक्री कारोबार अपने परवान पर है। जानकारी के अनुसार प्रतिदिन करीब 15 से 18 क्विंटल तिलकुट का निर्माण प्रतिदिन जिले में हो रहा है।

तिलकुट कारोबारी योगेंद्र प्रसाद की माने तो विगत वर्ष की तुलना में तिलकुट का दाम भी कम है अलबत्ता बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद जतायी जा रही है। खोवा व देशी घी निर्मित तिलकुट की है डिमांड तिलकुट कारोबारी योगेंद्र प्रसाद के अनुसार वैसे तो लोग अपनी क्षमता के अनुरूप तिलकुट की खरीदारी करते हैं।

 लेकिन दुकानों में सजी वेरायटी में सबसे अधिक डिमांड तिल में खोवा एवं शुद्ध घी से बने तिलकुट का है। बतायाा कि पहले की तुलना में अब बाजार का मिजाज बदल चुका है। पहले लोग मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व तिल के सामानों की खरीददारी किया करते थे और उसी दिन उसे खाना भी पसंद करते थे। लेकिन अब लोग मकर संक्राति का इंतजार नहीं करते। तिलकुट की अच्छी वेराइटी का डिमांड ठंड पड़ने के साथ ही प्रारंभ हो जाता है।