SAMASTIPUR : पारा लुढकने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले दिनों की अपेक्षा लोगों को अधिक ठंड और गलन महसूस हो रही है। गुरुवार की सुबह पूरा शहर कोहरे की चादर में ढका था। घने कोहरे के बीच लोगों को पास की चीज भी नजर नहीं आ रही थी। आसमान में अंधेरा छाया रहा। इसके कारण वाहनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया।
सड़क से गुजरने वाले वाहनों के लाइट जले थे। सुबह करीब दस बजे के बाद सूर्यदेव का दर्शन हो सका। सूर्यदेव की किरण आसमान में घने कोहरे को भेदते हुए लोगों को ठंड से राहत दिलाई। लेकिन, दिन ढलने के साथ ही ठंड का प्रकोप फिर से शुरू हो गया। ठंड और गलन से कंपकपी बढ़ गई। शाम होते ही बाजार में चहल- पहल कम हो गई। दुकानों पर ग्राहकों की कमी के चलते व्यापारी अलाव जलाते नजर आए।
ठंड से बचने के लिए लोग अपने घरों में हीटर ब्लोअर आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते रहे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. ए सत्तार का बताना है कि पश्चिमी विक्षोभ की पूर्ण सक्रियता एवं पछिया हवा के कारण उत्तर बिहार में अगले तीन दिनों तक ठंड का कहर जारी रहेगा। उसके बाद तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। अगले तीन दिनों तक पछिया हवा 7 से 10 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी जिससे कनकनी वाली ठंड लोग महसूस करेंगे।
शिशु रोग विशेषज्ञ डा. संजीव कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में खुद को पूरी तरह गर्म कपड़ों में ढककर बाहर निकलें। बच्चे और बुजुर्गों को अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। बच्चों को संभालकर रखना चाहिए। अभी बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। उसे गर्म कपड़ों से ढककर रखें। ज्यादा कफ या सर्दी होने पर अविलंब चिकित्सक से संपर्क करें। कम से कम ठंडे पानी का प्रयोग करें।