2021/01/13

समस्तीपुर के विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार के वार्षिक कैलेंडर का डिस्प्ले जरूरी

SAMASTIPUR : किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने में स्कूली बच्चे भी अब दक्ष होंगे। बचाव के लिए बच्चों को आवश्यक जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें प्रशिक्षित करने को लेकर प्रारंभिक विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार का आयोजन होना है। विभाग ने जिले के सभी विद्यालयों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम को दृढ़तापूर्वक संचालित करने का जिम्मा शिक्षा पदाधिकारी को सौंपा है।

 इसका अनुश्रवण सर्वोच्च न्यायालय के न्याय निर्णय के आलोक में योजनाबद्ध तरीके से शिक्षा विभाग द्वारा किया जाना है। सभी प्रकार के विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले बच्चे को इसका प्रशिक्षण दिया जाना है।

 बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सुरक्षित शनिवार के आयोजन को अनिवार्य करते हुए वार्षिक सारणी तैयार की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि सुरक्षित शनिवार के आयोजन के साथ-साथ प्रत्येक विद्यालय वार्षिक सारणी (कैलेंडर) को डिस्प्ले किया जाना है। 

इन गतिविधियों को सुचारू से संचालन का मिला जिम्मा

विद्यालयों में इसे प्रभावी ढ़ंग से संचालित करने को लेकर आवश्यक निर्देश दिया गया है। इसमें जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति का गठन, सभी विद्यालयों में आपदा प्रबंधन का गठन, प्रत्येक विद्यालयों में कार्यक्रम के प्रभावी संचालन हेतु एक फोकल शिक्षक का चयन करने, सभी विद्यालयों में हजार हंट प्रक्रिया व जोखिमों की पहचान करने, सभी विद्यालयों में बाल प्रेरकों का चयन एवं प्रशिक्षण, सभी विद्यालयों में बाल प्रेरकों का चयन एवं प्रशिक्षण, सभी विद्यालयों में गैर संरचनात्मकों का सुदृढ़ीकरण, प्रत्येक शनिवार को वार्षिक सारणी के अनुसार विद्यालयों में सुरक्षित शनिवार का आयोजन एवं मॉक ड्रिल, अग्निशमन यंत्रों की स्थापना, आपदा प्रबंधन से संबंधित पाठ्यक्रमों का अध्ययन से संबंधित गतिविधियों पर जोर दिया गया है।

बच्चों को आपदा के गुर सिखाने में फोकल शिक्षकों की भूमिका अहम

बच्चों को आपदा से बचाव के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक को प्रशिक्षित किया गया। ऐसे शिक्षक को फोकल शिक्षक कहा जाता है। फोकल शिक्षक एवं बाल प्रेरकों की मदद से प्रत्येक शनिवार को निर्धारित आपदा से संबंधित विषयों की जानकारी विद्यालय के सभी बच्चों को दिया जाना है। इसके अतिरिक्त छात्र-छात्राओं को विद्यालय सुरक्षा संबंधी शपथ दिलाए जाने एवं आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करने के बारे में भी अवगत कराना है।

बाढ़, भूकंप व अगलगी से निपटने का सीखना है गुर

सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत बाढ़, भूकंप, अगलगी जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने का गुर सिखा रही है। इसके लिए सभी विद्यालयों में फोकल शिक्षक की नियुक्ति की गई है। कोरोना काल में स्कूल बंद है। ऐसे में बच्चों को आपदा से लड़ने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चे किसी चीज को जल्दी सीखते हैं। बचपन में सीखी गई बातें लोग जल्दी नहीं भूलते हैं। 

बच्चों को भूकंप के मूल मंत्र झुको, ढको और पकड़ो के बारे में जानकारी दी जाती है। वे आनंद के साथ इसे सीखते हैं और निरंतर अभ्यास भी करते हैं। वहीं, अचानक लगी आग से जानमाल की हिफाजत के लिए रुको, लेटो और लुढ़को का मूल मंत्र सिखाया जाता है। जिला शिक्षा पदाधिकारी, समस्तीपुर बीरेंद्र नारायण ने कहा कि सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत जिले के सभी स्कूली बच्चों को बाढ़, भूकंप, अगलगी जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के गुर सिखाए जा रहे हैं। इसके लिए सभी विद्यालयों में फोकल शिक्षक की नियुक्ति की गई है।