2021/01/08

दरभंगा सोना लूट कांड में समस्तीपुर में तीसरे दिन भी पुलिस की छापेमारी जारी,आज भी कई हिरासत में

SAMASTIPUR : दरभंगा में स्वर्ण व्यवसायी के प्रतिष्ठान से करोड़ों के सोना लूट मामले में गठित एसआइटी व दरभंगा पुलिस की छापेमारी का क्रम शुक्रवार तीसरे दिन भी जारी रहा। इस सिलसिले में समस्तीपुर शहर के बहादुरपुर मोहल्ला स्थित एक आवासीय परिसर में छापेमारी की गई। इसके बाद वहां से टीम बांध किनारे भी गई। वहां भी पुलिस तलाशी में जुटी है।

समस्तीपुर के नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में दरभंगा पुलिस की छापेमारी बहादुरपुर वार्ड संख्या 26 स्थित चुन्नू भगत के घर पर लगभग ढाई घंटे चली। उसके बाद पुलिस कल गिरफ्तार किए हुए अपराधियों को लेकर अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही है। वही आज चुन्नू भगत के यंहा छापेमारी के बाद चार को हिरासत में लिया। 

वहीं कल गिरफ्तार किए गए अपराधियों के साथ पुलिस ने मुफस्सिल, विभूतिपुर, दलसिंहसराय थाना क्षेत्र कुल 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है । सूत्रों के अनुसार कुछ लूट का सोना व कैश भी बरामद किया था। लेकिन अभी भी इस मामले में पुलिस के अधिकारी कुछ कहने से बचते नजर आ रहें हैं ।

एक महिला समेत सात संदिग्ध को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया था 

इससे पूर्व बुधवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर एक महिला समेत सात संदिग्ध को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया था। आरोपितों के पास से पुलिस की टीम ने लूट के करीब डेढ़ किलो सोना और साढ़े तीन लाख नकद भी बरामद किए थे। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की देर रात संदिग्धों की तलाश में पहुंची एसआइटी ने जितवारपुर, विशनपुर, भरपुरा, चीनी मिल, बहादुरपुर, उजियारपुर समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद टीम ने उजियारपुर और दलसिंहसराय में भी छापेमारी की। मिली सूचना के मुताबिक वहां से भी साठ ग्राम सोना भी बरामद किया गया था। इस मामले में एक कारोबारी और एक कर्मी को हिरासत में लिया गया।

कई स्थानों पर हुई है छापेमारी 

इसके पूर्व भी लूटकांड में गठित एसआइटी व टास्क फोर्स जिले के संभावित ठिकानों पर दबिश बना चुकी थी। इस क्रम में जिले के पूसा, चकमेहसी व कल्याणपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के लदौरा से कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में भी लिया था। इसके बाद 29 दिसंबर को मुंगेर पुलिस के सहयोग से दलसिंहसराय अनुमंडल क्षेत्र के शातिर विकास झा को गिरफ्तारी किया था। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से एसआइटी व दरभंगा पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई। हालांकि, इस संदर्भ में अनुसंधान प्रभावित होने के कारण पुलिस पदाधिकारी अभी कुछ बताने से पहरेज कर रहे हैंं।