घटना के बाद हालांकि कोतवाली थाना पुलिस मामले में लीपापोती करती नजर आई और मामले की जानकारी मीडिया को देने से देर रात तक बचती रही. मीडिया से बचने के लिए नागौर सीओ विनोद कुमार सिपा और शहर कोतवाल जितेंद्र फौजदार में थाने में मीडिया की एंट्री पर रोक लगा दी लेकिन जानकारी लीक होने और मीडिया में खबरें चलने के बाद कार्रवाई को कागजों में लिया गया.
जानकारी के अनुसार, पुलिस गिरफ्त में आए कुछ युवकों को मामले से बाहर निकालना चाहती थी लेकिन बात नहीं बनी तो पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी. फिलहाल सभी आरोपियों का मेडिकल मुआयना करवाया जा रहा है, जिसके बाद सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
जानकारी में यह भी आया है कि शहर के कई बड़े होटल्स और स्पा सेंटर के नाम पर वेश्यावृति के बड़े अड्डे संचालित हो रहे हैं लेकिन पुलिस महकमे द्वारा इनपर कभी कार्रवाई नहीं की जाती, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा करती है.