PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर पटना से सामने आ रही है. बिहार के डीजीपी एसके सिंघल का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है. एसके सिंघल अब साल 2022 तक बिहार के डीजीपी के पद पर बने रहेंगे. गृह विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है.
इस बात की चर्चा थी कि गुप्तेश्वर पांडेय के DGP की कुर्सी छोड़ने के बाद प्रभार में इस पद को संभालने वाले संजीव कुमार सिंघल अगस्त 2021 तक बने रह सकते हैं. क्योंकि सिंघल अगस्त 2020 में रिटायर होने वाले थे. लेकिन अब सरकार ने उनका कार्यकाल बढ़ा दिया है. इसलिए सिंघल २०२२ तक बिहार पुलिस के मुखिया बने रहेंगे.
बता दें कि पंजाब के जालंधर कैंट के रहने वाले एसके सिंघल 1987 में आईएफएस बने थे. हालांकि अगले साल फिर से परीक्षा दी और अगले साल ही आईपीएस बने. सिंघल की स्कूली शिक्षा जालंधर में ही हुई. मैथ्य ऑनर्स में इन्हें गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है. पंजाब विवि, चंडीगढ़ से इन्होंने गणित में ही मास्टर्स किया. इसमें भी इन्हें गोल्ड मेडल मिला. कॉलेज में लेकचरर भी रहे हैं.
बतौर एसपी नालंदा, सीवान, कैमूर, रोहतास और भोजपुर आदि जिलों में सेवाएं दी है. ये दानापुर एएसपी भी रह चुके हैं. वर्ष 2005 में डीआईजी प्रशासन बने. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी रह चुके हैं. एडीजी मुख्यालय के महत्पूर्ण दायित्व को भी संभाल चुके हैं.
आपको बता दें कि संजीव कुमार सिंघल 1988 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं. बिहार के डीजीपी नियुक्त होने से पहले एस के सिंघल होमगार्ड के निदेशक के रूप में कार्यरत थे. एस के सिंघल साल 1996 में तब सुर्खियों में आए थे जब उन पर सीवान के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन ने हमला किया था. उस समय सिंघल सिवान में पुलिस अधीक्षक (SP) के तौर पर तैनात थे. इस मामले में साल 2007 में एक विशेष अदालत ने बाहुबली नेता शहाबुद्दीन को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एसके सिंघल पर हमले के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई थी.
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