2021/01/15

बिहार में बेहतर काम करने वाले कर्मियों के लिए मंत्री हर साल देंगे 1.11 लाख

PATNA : राजस्व संबंधी कार्यों में पिछड़े अंचलों में मुख्यालय से अधिकार भेजे जाएंगे। ये अधिकारी वहां काम की मॉनिटिरिंग करेंगे। साथ ही काम में तेजी लाने का तरीका कर्मियों को बताएंगे। इस बीच विभाग के मंत्री राम सूरत कुमार अच्छा काम करने वाले कर्मियों को पुरस्कृत करने के लिए हर साल अपने वेतन से एक लाख 11 हजार रुपया देंगे। विभाग इस पैसे को बेहतर काम करने वाले कर्मियों के बीच बांटेगा।

राजस्व मंत्री ने विभाग के कामकाज के प्रति आम लोगों की धारणा बदलने के लिए कई काम शुरू किये हैं। अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह ने भी इस प्रयास में काफी काम किया है। इसके पहले भी मंत्री ने तीन-तीन अपर समाहर्ता, डीसीएलआर और अंचलाधिकारी को ग्यारह-ग्यारह हजार रुपये दिये थे।

इस बार अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह 18 जनवरी को मगध प्रमंडल की समीक्षा करेंगे। उस प्रमंडल के पिछड़े अंचलों में लिए भी विभाग से अधिकारी भेजे जाएंगे। विभाग से जारी सूचना के अनुसार करपी अंचल में मनोज कुमार झा, नवीनगर में वीरेन्द्र कुमार पासवान, गया सदर में कंचन कपूर और जहानाबाद में नवल किशोर जाकर काम की समीक्षा करेंगे।

समीक्षा में अधिकारियों के काम के आधार पर रैंकिंग की जाती है। फिसड्डी रहने वाले अधिकारियों को चेतावनी भी दी जा रही है और कार्यप्रणाली में सुधार को कहा जा रहा है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में ऐसे अंचलाधिकारी और एडीएम हैं, जिनका परफॉर्मेंस काफी खराब है। पिछले महीने की समीक्षा का परिणाम गुरुवार को जारी किया गया। 

सूची में मधुबनी का पंडौल अंचल पहले नंबर पर आया है। इस अंचल ने 99 फीसदी से अधिक अंक लाये हैं। उसके बाद सीतामढ़ी का मेजरगंज दूसरे नंबर पर, गोपालगंज का थावे अंचल तीसरे नंबर पर, कटिहार का बलरामपुर अंचल चौथे और दरभंगा का अलीनगर अंचल पांचवें नंबर आया है।

सबसे खराब परफॉर्मेंस में मधेपुरा का चौसा अंचल रहा है जो 534 वें नंबर पर है यानी कि सबसे निचले पायदान पर है। नीचे से दूसरा स्थान दरभंगा के कुशेश्वर स्थान पूर्वी को मिला है। नीचे से तीसरा स्थान रोहतास के चेनारी, चौथा स्थान बांका के कटोरिया और पांचवा स्थान भागलपुर के कहलगांव अंचल को मिला है।

Input-hindustan